विजयदशमी पर राष्ट्रीय बजरंग दल ने किया पारंपरिक शस्त्र पूजा का आयोजन
जम्मू,, 20 अक्टूबर (हि.स.)।
विजयदशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय बजरंग दल की ओर से पारंपरिक शस्त्र पूजा का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ शस्त्रों की पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश अध्यक्ष राकेश बजरंगी ने विजयदशमी के अवसर पर शस्त्र पूजा करने की परंपरा और इसके धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।
राकेश बजरंगी ने कहा कि विजयदशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। इस दिन शस्त्र पूजा करने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति में शस्त्रों को केवल शक्ति का प्रतीक नहीं बल्कि धर्म, न्याय, आत्मरक्षा और समाज की सुरक्षा से भी जोड़कर देखा जाता है।
उन्होंने शस्त्र पूजा के महत्व को उजागर करते हुए कहा कि यह परंपरा हमें अपने गौरवशाली इतिहास, वीर योद्धाओं के साहस और बलिदान की याद दिलाती है। विजयदशमी का पर्व समाज को सत्य, साहस और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को बनाए रखने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपने इतिहास और विरासत से परिचित कराने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम के माध्यम से समाज में एकता, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
राष्ट्रीय बजरंग दल की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विजयदशमी के धार्मिक महत्व को याद करते हुए भारतीय संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता