रंगयुग ने शुरू किया समर इंटर्नशिप प्रोग्राम-2026 का तीसरा संस्करण
जम्मू, 04 जून (हि.स.)। युवा सशक्तिकरण और परफॉर्मिंग आर्ट्स को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए रंगयुग परफॉर्मिंग आर्ट्स फाउंडेशन ने गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वूमेन (जीसीडब्ल्यू), परेड ग्राउंड तथा पद्मश्री पद्मा सचदेव गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वूमेन, गांधी नगर की छात्राओं के लिए समर इंटर्नशिप प्रोग्राम (एसआईपी)-2026 के तीसरे संस्करण का शुभारंभ किया। 60 घंटे की इस विशेष इंटर्नशिप को छात्राओं की रचनात्मकता को निखारने, संवाद कौशल विकसित करने और आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। कार्यक्रम के अंतर्गत थिएटर, संगीत, नृत्य, रचनात्मक लेखन, वॉयस एवं स्पीच, योग, व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य कला आधारित शिक्षा के माध्यम से छात्राओं को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे विकसित करने का अवसर प्रदान करना है।
कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वूमेन, परेड ग्राउंड के प्राचार्य डॉ. नवीन आनंद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रो. सीमा, प्रो. विशाल, संगीत विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कालोत्रा, प्रो. चाणक्य, इंजीनियर एस. अमरजीत सिंह, पंकज प्रधान, राज कुमार बहरूपिया, आशीष शर्मा सहित दोनों कॉलेजों के वरिष्ठ शिक्षकों और बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया। अपने संबोधन में डॉ. नवीन आनंद ने युवा विद्यार्थियों के बीच परफॉर्मिंग आर्ट्स को बढ़ावा देने और अनुभवात्मक शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए रंगयुग की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 की समग्र, बहुविषयक और कौशल आधारित शिक्षा की अवधारणा के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि परफॉर्मिंग आर्ट्स विद्यार्थियों में रचनात्मकता, संवाद कौशल, आलोचनात्मक सोच, टीम वर्क और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रंगयुग के निदेशक दीपक कुमार ने कहा कि एसआईपी केवल एक इंटर्नशिप नहीं बल्कि आत्म-अन्वेषण, रचनात्मकता और व्यक्तिगत विकास की यात्रा है। उन्होंने बताया कि पिछले संस्करणों को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया ने इस पहल को और मजबूत करने की प्रेरणा दी है। रंगयुग का यह प्रमुख शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को अनुभवी कलाकारों, शिक्षकों और मीडिया पेशेवरों से सीधे सीखने का अवसर प्रदान करता है। कार्यशालाओं, व्यावहारिक सत्रों, प्रस्तुतियों और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों में आत्मविश्वास, संचार कौशल, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास किया जाता है। आयोजकों के अनुसार, अनुभवी मार्गदर्शकों और सुविचारित पाठ्यक्रम के साथ एसआईपी-2026 युवा प्रतिभाओं के लिए एक परिवर्तनकारी अनुभव साबित होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा