इंडो-यूएस ट्रेड डील पर रामबन में मंथन, किसानों की चिंताओं पर गहन चर्चा

 


जम्मू, 24 मार्च (हि.स.)। रामबन के डाक बंगले में आज जेकेपीसीसी किसान विभाग के चेयरमैन भारत प्रिये की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई जिसमें इंडो-यूएस ट्रेड डील के जम्मू-कश्मीर के किसानों पर संभावित प्रभाव को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में स्थानीय नेताओं, कृषि विशेषज्ञों और किसानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और बदलती व्यापारिक परिस्थितियों पर अपनी चिंता जताई। इस अवसर पर पूर्व विधायक अशोक डोगरा, जिला रामबन चेयरमैन हुकम चंद, प्रदीप कटोच सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए भारत प्रिये ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते, विशेष रूप से कृषि क्षेत्र से जुड़े स्थानीय किसानों पर दूरगामी प्रभाव डालते हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की विशेष भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इन समझौतों का सावधानीपूर्वक आकलन करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि अनियंत्रित आयात नीतियां स्थानीय उत्पादों को नुकसान पहुंचा सकती हैं क्योंकि विकसित देशों के सब्सिडी वाले उत्पादों से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उचित नीतिगत सुरक्षा के साथ क्षेत्र के उच्च मूल्य वाले और विशिष्ट फसलों के निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।

बैठक के दौरान मूल्य स्थिरता, बाजार तक पहुंच, स्थानीय फसलों की सुरक्षा और कृषि ढांचे को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों ने घटते मुनाफे पर चिंता जताते हुए सरकार से उचित मूल्य और खरीद व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। पूर्व विधायक अशोक डोगरा ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया जबकि हुकम चंद ने किसानों को बदलती व्यापार नीतियों के प्रति जागरूक करने की बात कही।

भारत प्रिये ने आश्वासन दिया कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों को संकलित कर केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि जेकेपीसीसी किसान विभाग किसानों की आवाज को मजबूती से उठाता रहेगा और किसी भी नीति में उनके हितों से समझौता नहीं होने दिया जाएगा

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा