जम्मू-कश्मीर की ज्वलंत समस्याओं पर रमन भल्ला का जनसंपर्क अभियान, नरवाल में सुनी जनता की पीड़ा

 


जम्मू, 20 जून (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला ने नरवाल पेन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों, युवाओं, व्यापारियों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के साथ एक व्यापक संवाद स्थापित कर जमीनी स्तर पर सार्वजनिक शिकायतों और विकास कार्यों का जायजा लिया। इस बैठक में संदीप डोगरा, राम दास, दविंदर सिंह, मोइन लतीफ, सुरेश कुमार सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

जनसभा को संबोधित करते हुए रमन भल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग इस समय गंभीर सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेरोजगारी, कमरतोड़ महंगाई, बदहाल नागरिक बुनियादी ढांचे, आर्थिक अवसरों में कमी और सरकारी सेवाओं में देरी ने आम नागरिकों के जीवन को कठिन बना दिया है। भल्ला ने विशेष रूप से युवाओं की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हजारों शिक्षित युवा सरकारी भर्तियों के इंतजार में हताश हो रहे हैं जबकि निजी क्षेत्र में निवेश की कमी ने रोजगार के रास्ते और संकुचित कर दिए हैं। उन्होंने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आवश्यक वस्तुओं, ईंधन, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं के बढ़ते दाम मध्यम वर्ग और दैनिक वेतनभोगियों के बजट पर भारी बोझ डाल रहे हैं।

क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं की बदहाली पर भल्ला ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि खराब सड़कें, जल निकासी की लचर व्यवस्था, जलभराव, पेयजल की अनिश्चित आपूर्ति और अपर्याप्त स्ट्रीट लाइटें आम जनजीवन के लिए बड़ी चुनौती हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और महंगी दवाओं ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। व्यापारियों और छोटे उद्यमियों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्थानीय व्यवसायों को समर्थन देने वाली नीतियों की वकालत की। ग्रामीण क्षेत्रों के संदर्भ में उन्होंने कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण, बेहतर सिंचाई सुविधाओं और किसानों के लिए सुनिश्चित बाजार व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया।

रमन भल्ला ने बिजली बिलों में बढ़ोतरी और खराब सेवा आपूर्ति पर भी सवाल उठाए और प्रशासन से अधिक पारदर्शिता व जवाबदेही की मांग की। महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के मुद्दों को उठाते हुए उन्होंने महिला सुरक्षा, स्वरोजगार, पेंशन के समय पर वितरण और कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार को विकास के लिए अनिवार्य बताया।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा