कश्मीर में सेब और केसर व्यापार को मिलेगी रफ्तार, अनंतनाग और पम्पोर में बनेंगे आधुनिक वेयरहाउस

 


जम्मू,, 19 अक्टूबर (हि.स.)।

कश्मीर घाटी में व्यापार और माल ढुलाई की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए रेलवे के जम्मू मंडल ने बड़ी पहल की है। रेलवे ने अनंतनाग और पम्पोर रेलवे स्टेशनों के पास आधुनिक वेयरहाउस और स्टोरेज यूनिट विकसित करने तथा उनका संचालन करने के लिए निजी निवेशकों से निविदाएं आमंत्रित की हैं।

यह योजना रेलवे की कार्गो रिलेटेड फैसिलिटी नीति, 14 फरवरी 2026 के तहत लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत निजी निवेशकों को 25 वर्षों की अवधि के लिए वेयरहाउस विकसित करने और उनका संचालन करने का अवसर मिलेगा।

रेलवे के अनुसार इस योजना से कश्मीर के सेब उत्पादकों और पम्पोर के केसर कारोबार से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।

रेलवे स्टेशनों के पास भंडारण सुविधाएं विकसित होने से बागवानों और व्यापारियों को अपनी उपज सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। इससे माल खराब होने का खतरा कम हो सकता है और उत्पादकों को बेहतर बाजार मूल्य मिलने तक सामान रखने की सुविधा मिलेगी।

इसके अलावा रेलवे स्टेशन के नजदीक वेयरहाउस होने से माल की लोडिंग और अनलोडिंग में लगने वाला समय तथा खर्च कम होने की उम्मीद है। व्यापारी अपने उत्पाद रेल के जरिए देश के बड़े बाजारों तक अधिक आसानी से पहुंचा सकेंगे।

रेलवे की इस पहल के तहत जम्मू मंडल के तीन रेलवे स्टेशनों बड़ी ब्राह्मणा, अनंतनाग और पम्पोर में भंडारण सुविधाएं उपलब्ध करवाने की योजना है।

रेलवे का मानना है कि इन परियोजनाओं से माल ढुलाई की क्षमता बढ़ने के साथ स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा। निजी निवेश आने से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक जम्मू, उचित सिंघल ने बताया कि अनंतनाग और पम्पोर में वेयरहाउस विकसित होने से कश्मीर के स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य रेलवे की माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने के साथ सेब और केसर जैसे उत्पादों के लिए सुरक्षित भंडारण तथा कोल्ड चेन से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करना है।

उचित सिंघल ने निजी निवेशकों से इस 25 वर्षीय योजना में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे जम्मू-कश्मीर के व्यापारिक ढांचे को मजबूत करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

रेलवे के अनुसार, इच्छुक निजी निवेशक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपनी निविदाएं जमा कर सकते हैं।

रेलवे को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से कश्मीर घाटी में भंडारण, परिवहन और माल ढुलाई की सुविधाएं बेहतर होंगी तथा स्थानीय किसानों और व्यापारियों को नए अवसर मिलेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता