चुनाव आयोग पर उठे सवाल, कठुआ में सर्वदलीय नेताओं ने बुलंद की आवाज, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

 


कठुआ, 04 अक्टूबर (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर कठुआ में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पूर्व सांसद चाैधरी लाल सिंह ने की। बैठक में कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, राष्ट्रीय जनता दल सहित जम्मू-कश्मीर की अन्य क्षेत्रीय पार्टियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए। नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए। पूर्व सांसद चाैधरी लाल सिंह ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से चुनाव आयोग के समक्ष कई बार अपनी चिंताएं और आपत्तियां रखी गईं लेकिन उनके अनुसार उन पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को 14 बार पत्र भेजे गए लेकिन उन पर कोई गौर नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण निर्णयों में सभी सदस्यों की सामूहिक भूमिका के बजाय मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा अकेले निर्णय लिए गए जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को लेकर सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर आगे की रणनीति तैयार करनी होगी। बैठक में उपस्थित दलों ने लोकतंत्र और चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़े मुद्दों को लेकर संयुक्त रूप से आवाज उठाने पर चर्चा की। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर सर्वदलीय स्तर पर आंदोलन और विरोध कार्यक्रमों की रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी दल आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए संयुक्त रूप से संघर्ष करेंगे। बैठक में कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, राष्ट्रीय जनता दल सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विचार-विमर्श किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया