सीमा किसानों का प्रदर्शन, मुआवजा और मालिकाना हक जारी करने की मांग

 


जम्मू, 25 मई (हि.स.)। सुचेतगढ़ के भोला चक स्थित देवी घर में सीमा क्षेत्र के किसानों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व डीडीसी सुचेतगढ़ तरनजीत सिंह टोनी ने किया। प्रदर्शनकारियों ने बीएसएफ द्वारा अधिग्रहित भूमि के बदले प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा और मालिकाना हक देने की मांग उठाई।

प्रदर्शन में प्रभावित किसान परिवारों, स्थानीय निवासियों, पंचायत प्रतिनिधियों तथा सरपंच सरबजीत सिंह, सरपंच विजय चौधरी, सरपंच बलबीर कौर सहित कई पंचों ने भाग लिया। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों के साथ कथित अन्याय और उपेक्षा का आरोप लगाया गया।

सभा को संबोधित करते हुए तरनजीत सिंह टोनी ने कहा कि क्षेत्र के चार परिवारों की भूमि बीएसएफ द्वारा अधिग्रहित की गई है और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों द्वारा मुआवजे की राशि भी जारी कर दी गई है लेकिन स्थानीय प्रशासन करीब 60 वर्षों से भूमि की खेती कर रहे वास्तविक किसानों को भुगतान नहीं कर रहा। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र के ये किसान कठिन परिस्थितियों में पीढ़ियों से इस भूमि की रक्षा और खेती करते आ रहे हैं। हाल ही में हुई निशानदेही के दौरान तहसीलदार द्वारा भी किसानों के लगभग 66 वर्षों से लगातार कब्जे और खेती की पुष्टि की गई, इसके बावजूद उन्हें उनका अधिकार नहीं दिया जा रहा।

उन्होंने सवाल उठाया कि युद्धकालीन परिस्थितियों या सुरक्षा कारणों से जब सेना भूमि अधिग्रहित करती है तो परंपरागत रूप से मुआवजा वास्तविक खेती करने वालों को ही दिया जाता है क्योंकि उनकी आजीविका इसी भूमि पर निर्भर होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में प्रशासन किसानों को विभाग-दर-विभाग भटकाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुआवजे की फाइलें विभिन्न विभागों और कस्टोडियन विभाग के बीच घूम रही हैं जबकि वास्तविक किसान असहाय बने हुए हैं। इससे सीमा क्षेत्र के किसानों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है कि भविष्य में यदि और भूमि अधिग्रहित की गई तो वे न तो मुआवजा पा सकेंगे और न ही अपने अधिकार सुरक्षित रख पाएंगे।

प्रदर्शन के दौरान प्रभावित परिवारों ने एसडीपीओ गुरमीत सिंह, एसएचओ अरनिया कैसर, बीएसएफ अधिकारियों और एसडीएम आरएस पुरा के साथ भी चर्चा कर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। तरनजीत सिंह टोनी ने मंडलायुक्त जम्मू से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर प्रशासन को वास्तविक किसानों को बिना देरी मुआवजा जारी करने के निर्देश देने की मांग की। साथ ही उन्होंने सीमा और शरणार्थी किसानों को मालिकाना हक देने की प्रक्रिया में तेजी लाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र के किसान अतिक्रमणकारी नहीं बल्कि सीमा क्षेत्र की रीढ़ हैं जिन्होंने दशकों तक कठिन हालात में देश की सेवा की है। ऐसे किसानों को उनके अधिकारों और मुआवजे से वंचित रखना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा