जाति के बजाय आर्थिक पिछड़ेपन और योग्यता को मिले प्राथमिकता: डोगरा ब्राह्मण प्रतिनिधि सभा
जम्मू, 24 अगस्त (हि.स.)। डोगरा ब्राह्मण प्रतिनिधि सभा ने मौजूदा जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने तथा सरकारी सहायता और लाभों में आर्थिक पिछड़ेपन और योग्यता को अधिक प्राथमिकता देने की मांग की है। सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए डीबीपीएस अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा ने कहा कि सरकारी योजनाओं, शिक्षा, कोचिंग और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाओं का लाभ देने में केवल जाति के बजाय व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को भी प्रमुख आधार बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों को देखते हुए आरक्षण व्यवस्था और कोटा नीतियों पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता है। सभा ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए अधिक प्रभावी प्रावधान करने की मांग करते हुए कहा कि किसी भी जाति से संबंधित गरीब व्यक्ति को शिक्षा, कोचिंग और अन्य आवश्यकताओं के लिए सरकारी सहायता मिलनी चाहिए।
इस अवसर पर पूर्व डिप्टी कमिश्नर बीएस जम्वाल, डीबीपीएस चेयरमैन एवं पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता पीसी शर्मा, बावा भैरव देव स्थान ट्रस्ट के महासचिव रमेश शर्मा सहित विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। वक्ताओं ने आरक्षण के मौजूदा ढांचे की समीक्षा, आर्थिक पिछड़ेपन को संबोधित करने और बिना भेदभाव जरूरतमंदों तक सरकारी सहायता पहुंचाने पर जोर दिया।
सभा ने आरक्षण के परिणामों को लेकर श्वेत पत्र जारी करने तथा शैक्षणिक दाखिलों के लिए न्यूनतम योग्यता मानक निर्धारित करने की भी मांग की। प्रतिनिधियों ने यह भी सुझाव दिया कि आरक्षण के भीतर उप-वर्गीकरण पर विचार किया जाए ताकि लाभ सबसे अधिक वंचित वर्गों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
इस दौरान तवी आंदोलन के प्रमुख एडवोकेट चंद्र मोहन शर्मा, एनसी शर्मा, एमएल शर्मा, पूर्व जेएमसी कमिश्नर सौजन्य शर्मा, सुभाष शास्त्री, जगन्नाथ शर्मा, केएल शर्मा, एमएल पाढ़ा, रितिज खजूरिया, बरिता राम, राकेश शर्मा, सुनील शर्मा, शिव राम शर्मा, दविंदर शर्मा, गुरदास शर्मा, रमन शर्मा, प्रेम बलोत्रा, संजीव करणी, केवल कृष्ण शर्मा, विजय शर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा