सांबा में पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
सांबा, 16 जुलाई (हि.स.)। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के अधीन-विकास एवं सुविधा कार्यालय जम्मू ने जिला प्रशासन सांबा के सहयोग से आज जिला प्रशासनिक परिसर के सम्मेलन कक्ष में पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों, कारीगरों और उद्यमियों को ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग, वित्तीय समावेशन, उत्पाद पैकेजिंग, सरकारी सहायता योजनाओं और उद्यमिता विकास के बारे में जागरूक करना था ताकि वे बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता और आय सृजन को बढ़ा सकें।
कार्यक्रम का शुभारंभ जम्मू के सहायक निदेशक अरविंद कुमार शर्मा के परिचयात्मक भाषण से हुआ जिन्होंने पीएम विश्वकर्मा योजना का संक्षिप्त परिचय दिया। उन्होंने कौशल उन्नयन, टूलकिट प्रोत्साहन, ऋण सहायता, ब्रांडिंग और बाजार संपर्क सहित संपूर्ण सहायता के माध्यम से कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त बनाने के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि और सांबा की उपायुक्त आयुषी सूदन ने प्रतिभागियों को सरकारी पहलों का अधिकतम लाभ उठाने और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में अपने उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के लिए नवाचार, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ब्रांडिंग रणनीतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक शिल्पकला के मूल्य को बढ़ाने और कारीगरों की आजीविका में सुधार लाने के लिए ब्रांडिंग और प्रभावी विपणन महत्वपूर्ण हैं।
विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। जम्मू स्थित पीएमयू टीम के अजय कुमार ने पीएम विश्वकर्मा योजना की विशेषताओं और लाभों के बारे में विस्तार से बताया। सांबा स्थित जिला उद्योग केंद्र की कार्यात्मक प्रबंधक पल्लवी ने प्रतिभागियों को उद्यमियों के लिए उपलब्ध केंद्र शासित प्रदेश सरकार की योजनाओं से अवगत कराया।
केंद्रीय जम्मू विश्वविद्यालय के विपणन प्रबंधन विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. नरेश कुमार ने ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग पर एक सत्र दिया जिसमें लघु व्यवसायों और कारीगरों के लिए रणनीतियों पर प्रकाश डाला गया। कनव कपाहि ने कारीगरों को उत्पाद प्रचार, डिजिटल उपस्थिति और व्यवसाय वृद्धि को मजबूत करने में मदद करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों के उपयोग का प्रदर्शन किया।
सत्रों का समापन एमएसएमई-डीएफओ जम्मू के सहायक निदेशक अनुराग शर्मा के एक प्रस्तुतीकरण के साथ हुआ जिन्होंने प्रतिभागियों को एमएसएमई योजनाओं और सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए उपलब्ध सरकारी सहायता के बारे में जानकारी दी।
इस कार्यक्रम में पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों, कारीगरों, उद्यमियों और सरकारी विभागों, बैंकिंग संस्थानों और सहायता संगठनों के अधिकारियों सहित लगभग 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह