लद्दाख के लोगों ने सात वर्षों में वह हासिल किया है जो जम्मू-कश्मीर 70 वर्षों में नहीं कर सका - वहीद पारा
श्रीनगर, 24 मई(हि.स.)। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के विधायक वहीद पारा ने केंद्र द्वारा लद्दाख को संवैधानिक सुरक्षा उपायों की पेशकश के एक दिन बाद रविवार को कहा कि लद्दाख के लोगों ने सात वर्षों में वह हासिल किया है जो जम्मू-कश्मीर 70 वर्षों में नहीं कर सका। पारा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इसमें जम्मू-कश्मीर के लिए एक सबक है। क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कहा कि केंद्र ने छठी अनुसूची के बजाय अनुच्छेद 371 के तहत संवैधानिक सुरक्षा उपायों और लद्दाख के लिए एक विधायी निकाय की पेशकश की है जबकि इस बात पर जोर दिया गया है कि चर्चा अभी भी चल रही है और कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है।
कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि सरकार ने अनुच्छेद 371ए और 371जी की तर्ज पर लद्दाख के लिए सुरक्षा उपायों का प्रस्ताव दिया था और जिला परिषदों की शक्तियों को सीमित करने के बजाय पूरे क्षेत्र के लिए एक शासन संरचना पर सैद्धांतिक रूप से सहमति व्यक्त की थी।
पारा ने कहा कि लद्दाख ने 7 साल में जो हासिल किया हम 70 में हासिल करने में नाकाम रहे। बमुश्किल 3 लाख की आबादी ने भारत सरकार को मना लिया लेकिन जम्मू-कश्मीर ऐसा नहीं कर सका। यह जम्मू-कश्मीर के लिए एक सबक है। कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के सदस्य सज्जाद कारगिली ने शनिवार को बताया कि केंद्र ने लद्दाख के लिए विधायी, कार्यकारी, प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों का भी प्रस्ताव रखा है और कानूनी और संवैधानिक परामर्श के लिए एक औपचारिक मसौदा साझा करने के लिए कहा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता