नए डिवीजनों, जिलों की मांग को लेकर पीडीपी विधायक ने विधानसभा में निजी विधेयक पेश किया

 

जम्मू, 23 मार्च (हि.स.)। पीडीपी विधायक वहीद पारा ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में एक निजी विधेयक पेश किया है, जिसमें केंद्र शासित प्रदेश में प्रशासनिक प्रभागों, जिलों, उप-मंडलों और तहसीलों के पुनर्गठन के लिए एक वैधानिक ढांचे की मांग की गई है।

विधेयक में कश्मीर संभाग में कई नए जिलों के निर्माण का भी प्रस्ताव है, जिनमें त्राल-अवंतीपोरा पहाड़ी जिला, अशमुकम-पहलगाम पहाड़ी जिला, बीरवाह, सोपोर, हंदवाड़ा, गुरेज, तंगधार-करना पहाड़ी जिला और नोराबाद पहाड़ी जिला शामिल हैं। जम्मू संभाग में विधेयक केंद्रित प्रशासनिक योजना के लिए नौशेरा, भद्रवाह, बनिहाल, थाथरी, अखनूर, बिलावर, कोटरंका और मेंढर जैसे नए पहाड़ी जिलों के गठन का सुझाव देता है। मसौदे के अनुसार सरकार के पास भौगोलिक निरंतरता, प्रशासनिक सुविधा, सामाजिक-सांस्कृतिक सामंजस्य और संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करते हुए अधिसूचनाओं के माध्यम से जम्मू, कश्मीर, चिनाब या पीर पंजाल डिवीजनों को जिले आवंटित करने की शक्ति होगी।

विधेयक के अनुसार इसका उद्देश्य बड़े भौगोलिक क्षेत्रों, कठिन इलाकों और क्षेत्रीय असंतुलन से उत्पन्न होने वाली प्रशासनिक चुनौतियों का समाधान करना और विकेंद्रीकृत शासन और बेहतर सार्वजनिक सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए नई प्रशासनिक इकाइयों के निर्माण के लिए एक पारदर्शी विधायी तंत्र प्रदान करना है। यह प्रस्ताव विधानसभा के चल रहे बजट सत्र के दौरान विचार के लिए विधानसभा सचिवालय को प्रस्तुत किया गया है, जो अवकाश के बाद 27 मार्च को फिर से शुरू होगा। सत्र के शुरुआती चरण के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 6 फरवरी को बजट पेश किया, जबकि सदन ने प्रत्येक दिन दो बैठकों में विस्तृत चर्चा के बाद विभिन्न विभागों के लिए अनुदान पारित किया। सत्र 4 अप्रैल को समाप्त होने वाला है। अधिसूचित व्यावसायिक कार्यक्रम के अनुसार 30 मार्च और 1 अप्रैल को निजी सदस्यों के विधेयकों के लिए रखा गया है, जबकि 31 मार्च और 2 अप्रैल को निजी सदस्यों के संकल्पों के लिए आरक्षित किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता