पारा ने जम्मू-कश्मीर को संभावित 1,000 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की जताई आशंका
श्रीनगर, 30 अक्टूबर (हि.स.)। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेता वहीदउर रहमान पारा ने शुक्रवार को जम्मू और कश्मीर को संभावित 1,000 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका जताई। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने जलविद्युत परियोजनाओं पर जल उपयोग शुल्क से संबंधित जम्मू और कश्मीर जल संसाधन (नियमन एवं प्रबंधन) अधिनियम, 2010 के प्रावधानों को रद्द कर दिया है।
अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पारा ने कहा कि उच्च न्यायालय ने 2010 के मांग नोटिसों को रद्द कर दिया है जिससे प्रशासन द्वारा मामले के संचालन पर सवाल उठते हैं।
गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि जलविद्युत परियोजनाओं पर जल उपयोग शुल्क लगाना बिजली उत्पादन पर कर के समान है जो तत्कालीन जम्मू-कश्मीर विधानमंडल की विधायी क्षमता से परे का विषय है।
न्यायालय ने 2010 के अधिनियम के संबंधित प्रावधानों को संविधान के विरुद्ध घोषित किया और परिणामस्वरूप जारी किए गए मांग नोटिसों को रद्द कर दिया। पुलवामा के विधायक ने लगभग दो वर्षों से एडवोकेट जनरल की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि विधि विभाग मुख्यमंत्री के अधीन है और उन्होंने जम्मू-कश्मीर के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन की कानूनी तैयारियों पर चिंता व्यक्त की।
पारा ने एक्स पर एक पोस्ट में पूछा कि अगर हम इस तरह अपने हितों की रक्षा करते हैं तो राज्य का दर्जा देने के मामले में क्या उम्मीद है?
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता