पैंथर्स पार्टी ने मनाया स्थापना दिवस, जम्मू राज्य के दर्जे की मांग तेज की
जम्मू, 23 मार्च (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी (जेकेएनपीपी-भीम) ने सोमवार को अपना स्थापना दिवस भव्य तरीके से मनाया। इस दौरान पार्टी के संस्थापक भीम सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, वहीं भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर जैसे शहीदों को भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम के दौरान पार्टी ने कई अहम प्रस्ताव पारित किए जिनमें जम्मू प्रांत को राज्य का दर्जा देने, मूल निवासियों के भूमि और नौकरी के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा विश्व शांति बहाल करने और सशस्त्र संघर्षों को समाप्त करने की मांग प्रमुख रही।
सभा को संबोधित करते हुए पार्टी अध्यक्ष विलक्षण सिंह ने जम्मू के साथ हो रहे भेदभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद भी जम्मू के साथ सौतेला व्यवहार जारी है। उन्होंने कहा कि जहां कश्मीर क्षेत्र के लिए बड़े पैमाने पर फंड जारी किए जा रहे हैं, वहीं जम्मू में केवल शराब की दुकानों को मंजूरी दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की लंबे समय से उठ रही मांग को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है जो क्षेत्र के साथ हो रहे अन्याय को दर्शाता है। विलक्षण सिंह ने ‘मिशन जम्मू स्टेट’ को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हुए सभी संगठनों और लोगों से एकजुट होकर इस मांग को साकार करने का आह्वान किया।
युवाओं से विशेष अपील करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू को उसका अधिकार दिलाने के लिए उनकी सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी से ही क्षेत्र को न्याय और पहचान मिल सकती है। कार्यक्रम के दौरान संगठन को मजबूत करने के लिए कई नियुक्तियों की घोषणा भी की गई। राजन जम्वाल को जिला सांबा का महासचिव, नरेश सम्याल को जिला जम्मू का महासचिव, रीमी रानी को महिला विंग की जिला अध्यक्ष, रंजीत सिंह उर्फ काकू को उधमपुर (ग्रामीण) का जिला अध्यक्ष और हरीश कलोत्रा को युवा विंग जम्मू का जिला अध्यक्ष बनाया गया।
विलक्षण सिंह ने जम्मू के पर्यटन क्षेत्र की अनदेखी पर भी चिंता जताते हुए कहा कि यह क्षेत्र आज भी उपेक्षित है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर पर्यटन को बढ़ावा नहीं दिया जा रहा जिससे डोगरा समाज आर्थिक रूप से मजबूत न हो सके। कार्यक्रम में मौजूद अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखते हुए क्षेत्रीय अस्मिता और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। अंत में पार्टी ने संस्थापक प्रो. भीम सिंह के सिद्धांतों पर चलते हुए गरीब और वंचित वर्गों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा