शहीद खुदीराम बोस को दी श्रद्धांजलि
जम्मू, 11 अगस्त (हि.स.)। एनएसएफ ने विश्वविद्यालय परिसर में शहीद खुदीराम बोस की 118वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान एनएसएफ कार्यकर्ताओं और उपस्थित लोगों ने शहीद के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया। कार्यक्रम में ‘खुदीराम बोस जिंदाबाद’, ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘भारत माता की जय’ जैसे नारे लगाए गए। जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रांतीय संयुक्त सचिव अंकुश अबरोल मुख्य अतिथि रहे जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस के सेंट्रल जोन के कोऑर्डिनेटर एवं सचिव डॉ. विकास शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। एनएसएफ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुखदेव सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
अंकुश अबरोल ने शहीद खुदीराम बोस को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका साहस, देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि कम उम्र में शहादत देने वाले खुदीराम बोस ने स्वतंत्रता संग्राम में अपने निर्भीक समर्पण से अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने युवाओं को स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और बलिदानों से परिचित कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. विकास शर्मा ने कहा कि खुदीराम बोस भारत के युवाओं की अदम्य भावना के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों को याद करना केवल उनके बलिदानों को श्रद्धांजलि देना नहीं बल्कि युवा पीढ़ी को समाज और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक योगदान के लिए प्रेरित करने का अवसर भी है।
डॉ. सुखदेव सिंह ने स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को आगे बढ़ाने में विद्यार्थियों और युवाओं की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खुदीराम बोस का जीवन और बलिदान युवाओं को अन्याय के खिलाफ खड़े होने तथा देश की एकता और प्रगति के लिए काम करने की प्रेरणा देता रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा