1,000 से अधिक डॉक्टर पद रिक्त; 480 पद जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य सेवा आयोग को भेजे गए

 

जम्मू, 24 फ़रवरी (हि.स.)। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार जम्मू और कश्मीर में डॉक्टरों के 1,000 से अधिक पद वर्तमान में रिक्त हैं। कश्मीर मंडल में इन रिक्तियों में से 797 पद रिक्त हैं जिनमें 24 वरिष्ठ सलाहकार, 253 सलाहकार, 458 चिकित्सा अधिकारी और 62 दंत शल्य चिकित्सक शामिल हैं जबकि जम्मू मंडल में फरवरी 2026 तक 288 सलाहकार पद रिक्त हैं।

जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के जिलों में विशेषज्ञों की कोई गंभीर कमी नहीं है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने कहा, दूरदराज और परिधीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने हाल ही में चिकित्सा अधिकारियों के 480 पदों को उपयुक्त उम्मीदवारों के चयन के लिए जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग को भेजा है।

विभाग ने कहा कि वह सीधी भर्ती रिक्तियों के संदर्भ और पदोन्नति-कोटा पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने से संबंधित मुद्दों की निगरानी कर रहा है और इन रिक्तियों को भरने के लिए समय-समय पर आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

चिकित्सा अधिकारियों की चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नव चयनित डॉक्टरों को प्रचलित नीति और आवश्यकता के अनुसार दूरस्थ और कम सेवा वाले क्षेत्रों तथा कर्मचारियों की कमी का सामना कर रहे स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात किया जाएगा, विभाग ने कहा। विभाग ने कहा कि सरकार परिधीय अस्पतालों में विशेषज्ञ सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता से अवगत है।

विभाग ने बताया कि उपलब्ध विशेषज्ञ कर्मचारियों का युक्तिकरण और पुनर्वितरण, संविदा आधार पर विशेषज्ञों की नियुक्ति, विशेषज्ञों की भर्ती के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और अन्य केंद्र प्रायोजित योजनाओं का उपयोग, विशेषज्ञ परामर्श के लिए टेलीमेडिसिन और ई-संजीवनी सेवाओं सहित कई सुधारात्मक उपाय पहले ही शुरू किए जा चुके हैं। इन कदमों से अनावश्यक रेफरल में काफी कमी आने और परिधीय स्तर पर विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार होने की उम्मीद है।

विभाग ने कहा कि जम्मू और कश्मीर में सात नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के साथ, जीएमसी जम्मू और जीएमसी श्रीनगर में रेफरल का भार काफी कम हो गया है क्योंकि इन नव स्थापित संस्थानों में अब प्रमुख विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त उप-जिला अस्पतालों (एसडीएच) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में तैनात सलाहकार और चिकित्सा अधिकारी दूरस्थ स्तर पर सक्रिय रूप से सेवाएं प्रदान कर रहे हैं जिससे नियमित रेफरल कम हो रहे हैं।

विभाग ने कहा कि इन उपायों से जिलों के भीतर विशेषज्ञ देखभाल की उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और जम्मू और श्रीनगर के तृतीयक अस्पतालों में अनावश्यक रोगी स्थानांतरण को कम करने में योगदान मिला है। जम्मू/श्रीनगर जीएमसी को रेफरल केवल अत्यंत आपातकालीन स्थितियों में ही किए जाते हैं।

पैरामेडिकल मोर्चे पर विभाग ने कहा कि परिवार कल्याण, मातृत्व एवं बाल स्वास्थ्य (एमसीएच) और टीकाकरण निदेशालय से गैर-राजपत्रित/पैरामेडिकल श्रेणी में 292 रिक्तियों को भर्ती के लिए जम्मू और कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (जेकेएसएसबी) को भेजा गया है, जिसने योग्य उम्मीदवारों के चयन के लिए विज्ञापन जारी किया है। साथ ही स्वास्थ्य सेवा निदेशालय, जम्मू से गैर-राजपत्रित/पैरामेडिकल श्रेणी में 290 रिक्तियों को भी भर्ती के लिए जे एंड केएसएसबी को भेजा गया है।

जम्मू स्वास्थ्य सेवा निदेशालय के 608 पदों के अलावा, वित्त विभाग की सहमति प्राप्त होने के बाद भर्ती के लिए जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (जेकेएसएसबी) को भेजे जाने की प्रक्रिया भी चल रही है। विभाग ने बताया कि इसके अतिरिक्त कश्मीर स्वास्थ्य सेवा निदेशालय से संबंधित 802 गैर-राजपत्रित, बहु-कार्य कर्मचारी और स्वच्छता कर्मचारी पदों की रिक्तियों की भी जेकेएसएसबी को आगे भेजने के लिए विभाग में जांच चल रही है। वित्त विभाग की सहमति प्राप्त होने के बाद इन पदों को भी भेजा जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता