ऑपरेशन सिन्दूर: पाकिस्तानी गोलाबारी में मारे गए लोगों के लिए पुंछ गुरुद्वारे में विशेष प्रार्थना आयोजित

 

पुंछ ,7 मई (हि.स.)। ऑपरेशन सिन्दूर के बाद पाकिस्तानी गोलाबारी में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की गईं। सीमा पार से गोलाबारी के दौरान नागरिक क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए श्रद्धालु शांति के लिए प्रार्थना करने और पीड़ितों को याद करने के लिए गुरुद्वारे में एकत्र हुए।

पिछले साल 7 मई के शुरुआती घंटों में भारत द्वारा ऑपरेशन सिन्दूर शुरू करने के तुरंत बाद सबसे अधिक प्रभावित सीमावर्ती जिले पुंछ में तोपखाने और मोर्टार गोलाबारी में 12 लोग मारे गए और 34 अन्य घायल हो गए। इस ऑपरेशन में 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के प्रतिशोध में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में नौ आतंकी ढांचों को निशाना बनाया गया जिसमें 26 लोग मारे गए थे। गुरुद्वारे के एक अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया कि शत्रुता के दौरान यह स्थलप पकिस्तानी गोलाबारी की चपेट में आ गया था। उन्होंने कहा कि हालांकि गुरुद्वारे के अंदर कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ लेकिन गुरुद्वारे को बड़ी क्षति हुई है।

उन्होंने याद दिलाया कि बाद में एक गोला आसपास के घरों पर गिरा जिससे दो लोगों की मौत हो गई। अधिकारी ने कहा कि पीड़ितों की पहली बरसी पर विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की गईं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने उस क्षेत्र के सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने का प्रयास किया जहां हिंदू, मुस्लिम और सिख पीढ़ियों से शांति से एक साथ रहते थे। उन्होंने याद करते हुए कहा कि गोलाबारी ने धार्मिक स्थलों को नहीं बख्शा गुरुद्वारे, लंगर हॉल, मंदिरों और मस्जिदों पर गोले गिरे। एक मस्जिद में एक इस्लामिया शिक्षक भी मारा गया। उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार ने प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को मुआवजा और रोजगार प्रदान किया है लेकिन मानव जीवन के नुकसान की भरपाई कभी नहीं की जा सकती। पाकिस्तानी ने प्रतिक्रिया में मनकोट, मेंढर, थांडी कस्सी और पुंछ शहर में एक गुरुद्वारा, मंदिर और एक मस्जिद सहित दर्जनों गांवों और घनी आबादी वाले नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाकर भारी तोपखाने और मोर्टार से गोलाबारी की गई। मारे गए लोगों में दो नाबालिग भाई-बहन थे - मोहम्मद ज़ैन खान (10) और उनकी बड़ी बहन जोया खान (12)। एक अन्य पीड़ित बलविंदर कौर की मनकोट में उसके घर पर मोर्टार से हमला होने से मौत हो गई जबकि उसकी 13 वर्षीय बेटी घायल हो गई। 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे जिसमें ज्यादातर पर्यटक थे, के जवाब में भारत ने पिछले साल 7 मई को ऑपरेशन सिन्दूर शुरू किया जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी बुनियादी ढांचे पर हवाई हमले किए गए। इस कार्रवाई से तनाव तेजी से बढ़ गया और पाकिस्तान ने जवाबी हमले शुरू कर दिए हालांकि उनमें से अधिकांश को भारतीय सेना ने विफल कर दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता