26 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा व्रत, फल प्राप्ति के लिए पूजा-अर्चना, तर्पण और दान-पुण्य करें
जम्मू, 25 सितंबर (हि.स.)। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा का व्रत इस वर्ष 26 सितंबर, शनिवार को रखा जाएगा। श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं प्रधान ज्योतिषाचार्य महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि पूर्णिमा तिथि 25 सितंबर की रात 11:07 बजे शुरू होकर 26 सितंबर की रात 10:19 बजे तक रहेगी। ऐसे में दिवा एवं रात्रि पूर्णिमा व्रत 26 सितंबर को रखा जाएगा।
महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि सनातन परंपरा में भाद्रपद पूर्णिमा पर भगवान सत्यनारायण, भगवान शिव-पार्वती, श्रीगणेश, मां शारदा और चंद्रदेव की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। श्रद्धालु घर या मंदिर में सत्यनारायण कथा एवं पूजा कर सकते हैं। उन्होंने इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, फल और अन्य आवश्यक सामग्री का सामर्थ्य अनुसार दान करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि पूर्णिमा के अवसर पर देव, ऋषि और पितरों का तर्पण, स्नान, दीप प्रज्वलन तथा प्रार्थना करना भी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। भाद्रपद पूर्णिमा से पितृपक्ष की शुरुआत मानी जाती है इसलिए पितरों के स्मरण और तर्पण का भी विशेष महत्व बताया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से संयमित एवं सात्त्विक जीवन अपनाने तथा सेवा और सदाचार की भावना के साथ पर्व मनाने का आह्वान किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा