सरकार ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पट्टे के नवीनीकरण पर निजी सदस्य के विधेयक को पेश करने की अनुमति दी

 

जम्मू, 01 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में एक निजी सदस्य के विधेयक को पेश करने की अनुमति दे दी जिसमें मौजूदा कब्जेदारो के लिए पट्टे के नवीनीकरण की मांग की गई है। इस कदम को केंद्र के 2022 के भूमि अनुदान नियमों को चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

यह विधेयक नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के विधायक तनवीर सादिक द्वारा पेश किया गया था और राजस्व विभाग का प्रभार भी संभाल रहे अब्दुल्ला द्वारा इसके प्रस्तुतीकरण का विरोध न करने की बात कहने के बाद इसे मंजूरी दे दी गई। एनसी के सत्ता में आने के बाद यह पहली बार है कि सत्ता पक्ष ने किसी निजी सदस्य के विधेयक पर प्रस्तुतीकरण के चरण में आपत्ति नहीं जताई।

अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने प्रस्ताव पर ध्वनि मत लिया जिसे एनसी सदस्यों के समर्थन से पारित कर दिया गया जबकि विपक्ष ने विभाजन की मांग नहीं की। प्रस्तावित विधेयक जम्मू और कश्मीर भूमि अनुदान नियम, 2022 का प्रतिकार करना चाहता है जिसमें यह प्रावधान है कि कुछ समाप्त हो चुके पट्टे, विशेष रूप से पर्यटन क्षेत्र में नवीनीकृत नहीं किए जाएंगे और इसके बजाय बाजार दरों पर नीलाम किए जाएंगे।

उत्तरी कश्मीर के एक प्रमुख पर्यटन स्थल गुलमर्ग में कई होटल मालिकों के पट्टे समाप्त होने के मद्देनजर यह मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है। यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो नए सिरे से नीलामी अनिवार्य करने के बजाय मौजूदा कब्जेदारो के लिए पट्टे का नवीनीकरण संभव हो जाएगा जो भूमि संबंधी मामलों पर सरकार के रुख को दर्शाता है जिन पर केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन और निर्वाचित सरकार के बीच मतभेद रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह