उमर अब्दुल्ला की विधायक बैठक ‘राजनीतिक शक्ति परीक्षण’ : पूर्व मंत्री

 


जम्मू, 02 जून (हि.स.)। वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री बाली भगत ने 3 जून को बुलाई गई नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायकों की बैठक को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का “राजनीतिक शक्ति परीक्षण” करार देते हुए कहा कि यह बैठक यह जानने के लिए बुलाई गई है कि पार्टी के कितने विधायक अभी भी उनके साथ खड़े हैं। बाली भगत ने कहा कि यदि नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पूरी तरह स्थिर और एकजुट होती तो इस प्रकार की आपात शैली की बैठक बुलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के भीतर बढ़ते असंतोष और कैबिनेट विस्तार को लेकर अनिश्चितता के कारण मुख्यमंत्री को विधायकों की निष्ठा का आकलन करने की जरूरत महसूस हुई है।

उन्होंने कहा कि यह बैठक शासन, विकास या जनकल्याण के मुद्दों पर नहीं बल्कि मुख्यमंत्री के लिए एक “रियलिटी चेक” है। उनके अनुसार कई विधायक अधूरे वादों, विकास कार्यों में कमी और मंत्रिमंडल विस्तार में देरी को लेकर असंतुष्ट हैं। भाजपा नेता ने दावा किया कि कैबिनेट विस्तार मुख्यमंत्री के नेतृत्व के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है क्योंकि प्रत्येक विधायक प्रतिनिधित्व और पहचान की अपेक्षा रखता है। उन्होंने कहा कि यदि कुछ विधायकों को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिलता है तो पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ सकता है।

बाली भगत ने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस नेतृत्व शासन, रोजगार, विकास और राज्य का दर्जा बहाल करने जैसे मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय आंतरिक गुटबाजी और राजनीतिक संतुलन साधने में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार को सुशासन के लिए चुना था न कि आंतरिक शक्ति संघर्षों के लिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की कथित विफलताओं और विरोधाभासों को उजागर करती रहेगी तथा जनता से जुड़े मुद्दों को सदन के भीतर और बाहर उठाती रहेगी। बाली भगत ने कहा कि 3 जून की बैठक से यह स्पष्ट हो जाएगा कि मुख्यमंत्री को अपने ही विधायकों का कितना समर्थन प्राप्त है।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा