जीएमसी बारामूला में वेंटिलेटर के काम के लिए किसी एजेंसी ने बोली नहीं लगाई: सरकार

 

श्रीनगर, 24 सितंबर (हि.स.)। स्वास्थ्य मंत्री ने गुरुवार को विधानसभा को बताया कि बार-बार समय बढ़ाने के बावजूद जीएमसी बारामूला में वेंटिलेटर खरीदने और उनकी सर्विसिंग के लिए टेंडर प्रक्रिया में कोई एजेंसी शामिल नहीं हुई।

बारामूला के विधायक जावेद हसन बेग ने 'ध्यान आकर्षण प्रस्ताव' के तहत यह मुद्दा उठाया। उन्होंने खराब वेंटिलेटर और क्रिटिकल केयर की तैयारियों में गंभीर कमियों की ओर इशारा किया। बेग ने कहा कि नाकामी के लिए किसी सफाई की ज़रूरत नहीं है। दवाइयों और जीवन बचाने वाली मशीनों के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीएमसी बारामूला को प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि यह उत्तरी कश्मीर की बड़ी आबादी की सेवा करता है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ज़रूरी उपकरणों से जुड़ी समस्याओं को हल करने में देरी से उन मरीज़ों के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं जिन्हें इमरजेंसी और जीवन बचाने वाले इलाज की ज़रूरत है।

इस मुद्दे पर जवाब देते हुए स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा कि ज़रूरी काम के लिए टेंडर निकाले गए थे लेकिन बार-बार समय बढ़ाने के बावजूद किसी एजेंसी ने हिस्सा नहीं लिया। मंत्री ने कहा कि उपकरणों की खरीद या सर्विसिंग किसी सर्टिफाइड एजेंसी के ज़रिए ही की जानी है और इस समस्या को हल करने के लिए सुधारात्मक उपाय किए जा रहे हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि एमआरआई और कैथ लैब की सुविधाएँ शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है साथ ही भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य विभाग मरीज़ों की देखभाल के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने कहा कि हम लोगों को परेशान नहीं होने देंगे। मंत्री ने यह भी माना कि स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में कमियाँ हैं लेकिन कहा कि विभाग उन क्षेत्रों को ठीक करने के लिए काम कर रहा है जिन पर ध्यान देने की ज़रूरत है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता