एसआईए के नार्को-टेरर केस में स्पेशल एनआईए कोर्ट ने आरोप तय किए
श्रीनगर, 16 जुलाई (हि.स.)
स्पेशल एनआईए कोर्ट ने स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) कश्मीर द्वारा जांचे जा रहे एक बड़े नार्को-टेरर केस में आरोप तय कर दिए हैं। इससे पाकिस्तान समर्थित नार्को-टेरर सिंडिकेट के सदस्यों के खिलाफ ट्रायल का रास्ता साफ हो गया है। इन सदस्यों पर नशीले पदार्थों की तस्करी से हुई कमाई के जरिए जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को फंड करने का आरोप है।
एजेंसी द्वारा जारी एक बयान में प्रवक्ता ने बताया कि यह मामला एफआईआर नंबर 19/2022 से जुड़ा है। इसे अक्टूबर 2022 में पुलिस स्टेशन एसआईए कश्मीर ने दर्ज किया था। यह मामला प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एल ई टी) के पाकिस्तान/पीओजेके स्थित हैंडलर्स द्वारा रची गई सीमा-पार साजिश की विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिलने के बाद दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि जांच से पता चला है कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार से जम्मू-कश्मीर में नशीले पदार्थों की तस्करी की जाती थी। कथित तौर पर इससे हुई कमाई का इस्तेमाल आतंकवाद को फंड करने और केंद्र शासित प्रदेश में टेरर इकोसिस्टम को बनाए रखने के लिए किया जाता था।
प्रवक्ता ने कहा कि जांच में 16 आरोपियों की पहचान की गई जिनमें पाकिस्तान/पीओजेके स्थित चार हैंडलर्स भी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में रूबीना नजीर मलिक, इश्फाक अहमद मीर, मुदासिर अहमद पोसवाल, सफीर अहमद मुगल, मोहम्मद राशिद ठक्कर, मोहम्मद रियाज लोहार, जावेद इकबाल ठक्कर उर्फ राजा ठक्कर, अब्दुल राशिद मीर, अब्दुल राशिद भट और बशारत अली पोसवाल शामिल हैं जबकि कुपवाड़ा के अमरोही अरना का सगीर अहमद पोसवाल अभी भी फरार है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान/पीओजेके स्थित जो आरोपी फरार हैं उनकी पहचान तारिक अहमद मलिक उर्फ दिलावर, अलिफ-उद-दीन बदाना, मुश्ताक अहमद नाइक उर्फ उस्मान भाई और फिरदौस अहमद डार उर्फ उमर डार के तौर पर हुई है। एक अन्य आरोपी सोपोर के पंजिपोरा का मुश्ताक अहमद मलिक उर्फ राही एक मुठभेड़ में मारा गया था। उन्होंने कहा कि एसआईए कश्मीर ने सभी 16 आरोपियों के खिलाफ छह चार्जशीट दाखिल की हैं और उन तीन घोषित अपराधियों को गिरफ्तार करने में भी कामयाबी हासिल की है जो गिरफ्तारी से बच रहे थे। प्रवक्ता ने बताया कि अभियोजन पक्ष की बात सुनने के बाद स्पेशल कोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट, यू ए पी ए और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत अभी कोर्ट में मौजूद 10 आरोपियों पर आरोप तय किए।
इन आरोपों में भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने, आपराधिक साजिश, आतंकवादी गतिविधियों, टेरर फाइनेंसिंग, आतंकवादी संगठनों की सदस्यता, सबूत मिटाने और धोखाधड़ी जैसे अपराध शामिल हैं। प्रवक्ता ने कहा कि अब सक्षम कोर्ट के सामने अभियोजन पक्ष के सबूत दर्ज करने के साथ मुकदमे की कार्यवाही आगे बढ़ेगी। एसआईए कश्मीर फरार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही जारी रखे हुए है औरआतंकवादी गतिविधियों से जुड़ी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह