नटरंग के नाटक टूटते सपने ने नशे के दुष्परिणामों को किया उजागर
जम्मू,, 02 अगस्त (हि.स.)।
नटरंग ने अपने साप्ताहिक संडे थिएटर श्रृंखला के तहत हिंदी नाटक टूटते सपने का मंचन किया जिसमें युवाओं के बीच बढ़ते नशे के खतरे, परीक्षा के तनाव और सामाजिक चुनौतियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। कृष्णेय भाटिया द्वारा संकलित और नीरज कांत के निर्देशन में तैयार इस नाटक में एक मां की मार्मिक कहानी दिखाई गई, जिसकी बेटी डॉक्टर बनने का सपना लेकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। प्रश्नपत्र लीक होने के कारण परीक्षा रद्द होने से उसका सपना टूट गया और गलत संगत में पड़कर वह नशे की लत का शिकार हो गई। इसके बाद यौन शोषण और मानसिक अवसाद से जूझते हुए उसने आत्महत्या कर ली। नाटक के माध्यम से समाज को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए युवाओं के सपनों की रक्षा के लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। अंत में कलाकारों ने नशा मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता