नटरंग की ‘माता की कहानी’ के 125 मंचन पूरे, कटड़ा में रचा नया कीर्तिमान
जम्मू, 14 अक्टूबर (हि.स.)। मां वैष्णो देवी की पावन गाथा जब संगीत, संवाद और जीवंत मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों के सामने आई तो आध्यात्मिकता और रंगमंच का अनूठा संगम देखने को मिला। नटरंग की चर्चित संगीतमय नाट्य प्रस्तुति ‘माता की कहानी’ ने कटड़ा स्थित आध्यात्मिक विकास केंद्र के सभागार में अपना 125वां मंचन पूरा कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। यह प्रस्तुति नवरात्र महोत्सव-2026 के तहत श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग के आयोजन का हिस्सा रही। भारत सरकार के पूर्व सचिव ए.के. अंगुराना कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
पद्मश्री बलवंत ठाकुर द्वारा लिखित, परिकल्पित और निर्देशित इस प्रस्तुति में मां वैष्णो देवी की संपूर्ण गाथा को संगीत, कहानी और प्रभावशाली मंच सज्जा के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है।
बलवंत ठाकुर ने बताया कि वर्ष 2017 में इस प्रस्तुति की शुरुआत इस उद्देश्य से की गई थी कि मां वैष्णो देवी की कथा को एक घंटे की नाट्य प्रस्तुति में प्रभावी ढंग से दर्शकों तक पहुंचाया जा सके। इसके लिए उन्होंने तीन वर्षों तक शोध, रचनात्मक प्रयोग और तैयारी की। वर्ष 2021 और 2025 को छोड़कर नवरात्र महोत्सव के दौरान हर वर्ष इसका प्रतिदिन दो बार मंचन किया जाता रहा है।
प्रस्तुति की सफलता में कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों और डिजाइनरों की अहम भूमिका रही। गौरव अंगुराल, भविष्य अग्रवाल और राहुल गुप्ता ने मंच सज्जा में योगदान दिया जबकि सनी मुजू ने नृत्य निर्देशन और शिवम सिंह ने प्रकाश व्यवस्था संभाली। राहुल सिंह, पवन वर्मा, मोहम्मद यासीन और महिक्षित सिंह ने वेशभूषा एवं मंच सामग्री की जिम्मेदारी निभाई। नटरंग की यह उपलब्धि जम्मू-कश्मीर की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को रंगमंच के माध्यम से व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने के प्रयासों को रेखांकित करती है।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा