देशभर में पेंशनर्स का प्रदर्शन, केंद्र सरकार को सौंपे ज्ञापन
जम्मू,, 25 मार्च (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख पेंशनर्स यूनाइटेड फ्रंट, जो ऑल इंडिया स्टेट पेंशनर्स फेडरेशन से संबद्ध है, ने 25 मार्च 2026 को अब्दुल कयूम वानी के नेतृत्व में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर देशभर में पेंशनर्स द्वारा किए गए राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन को प्रमुखता से उजागर किया। संगठन के अनुसार, विभिन्न राज्यों के पेंशनर्स ने इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन उपायुक्तों और जिला कलेक्टरों के माध्यम से सौंपे। संगठन ने इस आंदोलन को सफल बताते हुए इसे केंद्र सरकार के लिए “आंख खोलने वाला” कदम बताया और विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के पेंशनर्स की भागीदारी को ऐतिहासिक करार दिया।
प्रदर्शन के बाद श्रीनगर के बेमिना स्थित केंद्रीय कार्यालय में एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता अब्दुल कयूम वानी ने की। इस बैठक में देशभर से प्राप्त फीडबैक की समीक्षा की गई। जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के विभिन्न क्षेत्रों से आए नेताओं ने कार्यक्रम की सफलता पर संतोष जताया और जिला व उप-जिला स्तर के नेतृत्व के प्रयासों की सराहना की।
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि 25 मार्च के आसपास पारित किए गए अध्यादेश और नीतिगत फैसलों को लेकर पेंशनर्स में चिंता बढ़ रही है। संगठन का कहना है कि इन फैसलों से पेंशनर्स के वित्तीय लाभ प्रभावित हो सकते हैं और विशेष रूप से 8वें वेतन आयोग से जुड़े लाभों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अब्दुल कयूम वानी ने चेतावनी दी कि यदि पेंशनर्स के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया गया तो देशभर के पेंशनर्स एकजुट होकर अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे।
संगठन ने यह भी घोषणा की कि 29 और 30 मार्च को जयपुर में जनरल काउंसिल की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें जम्मू-कश्मीर के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे और आगे की रणनीति तय की जाएगी। प्रेस विज्ञप्ति के अंत में कहा गया कि पेंशनर्स का यह आंदोलन एकजुटता और दृढ़ संकल्प के साथ तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित नहीं होती।
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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता