जम्मू में 3 मार्च को राष्ट्रीय सुशासन सम्मेलन, ‘विकसित भारत’ के लिए जिलों के समग्र विकास पर मंथन, डॉ. जितेंद्र सिंह व उमर अब्दुल्ला करेंगे उद्घाटन
जम्मू, 01 मार्च (हि.स.)। जम्मू में 3 मार्च को “जिलों का समग्र विकास: विकसित भारत के लिए शासन में बदलाव” विषय पर राष्ट्रीय सुशासन सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह एक दिवसीय सम्मेलन प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा जम्मू-कश्मीर सरकार के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
सम्मेलन का उद्घाटन जितेंद्र सिंह, राज्य मंत्री (कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन) और उमर अब्दुल्लाह, मुख्यमंत्री जम्मू-कश्मीर संयुक्त रूप से करेंगे। उद्घाटन सत्र में डीएआरपीजी की सचिव रचना शाह और जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू भी संबोधित करेंगे।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ‘प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार’ से सम्मानित पहलों और देशभर में लागू नवाचार आधारित प्रशासनिक मॉडलों का प्रसार करना है। पहले तकनीकी सत्र में 2023 और 2024 के पुरस्कार विजेता जिलों, एलुरु (आंध्र प्रदेश), गोमती (त्रिपुरा), कोरापुट (ओडिशा) और कारगिल (लद्दाख), की उत्कृष्ट पहलों की प्रस्तुति दी जाएगी। दूसरे सत्र में नलबाड़ी (असम), कुपवाड़ा (जम्मू-कश्मीर) और आंध्र प्रदेश के पर्वथीपुरम जिले की प्रिज्म-10 पहल सहित आकांक्षी ब्लॉकों और नवाचार परियोजनाओं पर चर्चा होगी।
जम्मू-कश्मीर की श्रेष्ठ पहलों पर विशेष सत्र में कुलगाम जिले के नवाचार, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा आरएफआईडी आधारित यात्रा प्रबंधन और रामबन जिले की ई-सुविधा पहल को प्रस्तुत किया जाएगा। देशभर से 200 से अधिक वरिष्ठ प्रशासक, जिला कलेक्टर और नीति-निर्माता इस सम्मेलन में भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य जिलास्तर पर प्रभावी सेवा वितरण, जनकल्याण और एकीकृत विकास को बढ़ावा देने के लिए सफल मॉडलों को साझा करना और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में समावेशी व नागरिक-केंद्रित शासन को सशक्त बनाना है।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा