फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान संबंधी बयान पर मूवमेंट कल्कि ने जताई कड़ी आपत्ति

 

जम्मू,26 अक्टूबर (हि.स.)।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान संबंधी कथित बयान को लेकर मूवमेंट कल्कि ने कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन के सलाहकार प्रीतम शर्मा ने कहा कि पाकिस्तान को कश्मीरियों का रक्षक बताना आतंकवाद से प्रभावित परिवारों, शहीद जवानों और विस्थापित कश्मीरी पंडितों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है।

प्रीतम शर्मा ने वर्ष 1990 के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि जब कश्मीर घाटी आतंकवाद और हिंसा के दौर से गुजर रही थी तब तत्कालीन मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस कठिन समय में राजनीतिक नेतृत्व ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद के कारण अनेक निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े। ऐसे में पाकिस्तान की भूमिका को सकारात्मक रूप में प्रस्तुत करना पीड़ित परिवारों के दर्द की अनदेखी करने जैसा है।

प्रीतम शर्मा ने भारतीय सेना और सुरक्षाबलों के बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में जवानों ने अपनी जान कुर्बान की है। उन्होंने सवाल उठाया कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद, हिंसा और अस्थिरता के अलावा क्या दिया है।

मूवमेंट कल्कि ने फारूक अब्दुल्ला से उनके कथित बयान पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण देने की मांग की है। संगठन ने कहा कि यदि किसी बयान में कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

प्रीतम शर्मा ने कश्मीरी पंडितों के सम्मानजनक पुनर्वास और सुरक्षा की मांग दोहराते हुए कहा कि उनका संगठन शहीदों के सम्मान, आतंकवाद के विरोध और विस्थापित परिवारों के न्याय के लिए आवाज उठाता रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता