अनूठी थिएटर कार्यशाला में 100 से अधिक बच्चों ने लिया हिस्सा

 


जम्मू, 15 जून (हि.स.)। भारतीय रंगमंच के प्रसिद्ध हस्ताक्षर और ‘मैजिक मैन ऑफ इंडियन थिएटर’ के नाम से विख्यात बलवंत ठाकुर ने नवाबों के शहर लखनऊ में अपनी रचनात्मक यात्रा को नया आयाम देते हुए बच्चों के लिए एक विशेष थिएटर कार्यशाला आयोजित की। भारतेन्दु नाट्य अकादमी के ब्लैक बॉक्स थिएटर में आयोजित इस कार्यशाला में 100 से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला के दौरान बच्चों को कल्पनाशीलता, नवाचार और आत्म-अन्वेषण की दुनिया से परिचित कराया गया। बालवंत ठाकुर ने विभिन्न थिएटर खेलों, रचनात्मक अभ्यासों, शारीरिक गतिविधियों और संवादात्मक प्रक्रियाओं के माध्यम से बच्चों की छिपी हुई प्रतिभाओं को उभारने का प्रयास किया।

इस कार्यशाला की विशेषता यह रही कि इसमें पारंपरिक रंगमंच प्रशिक्षण से आगे बढ़कर आधुनिक और बाल-केंद्रित थिएटर पद्धतियों का उपयोग किया गया। ये पद्धतियां अमेरिका, चीन, जापान और कई यूरोपीय देशों में विकसित और सफलतापूर्वक लागू की जा रही हैं। इनका उद्देश्य केवल अभिनय कौशल विकसित करना नहीं बल्कि बच्चों के समग्र व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देना है। बलवंत ठाकुर द्वारा विकसित विशिष्ट थिएटर पद्धति बच्चों में आत्मविश्वास, संवाद कौशल, भावनात्मक समझ, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना को प्रोत्साहित करती है। उनके अनुसार थिएटर केवल कला नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का प्रभावशाली माध्यम है जो बच्चों को स्वतंत्र सोच, समस्या समाधान और सामाजिक संवेदनशीलता विकसित करने में मदद करता है।

कार्यशाला में भाग लेने वाले बच्चों ने इसे एक प्रेरणादायक और यादगार अनुभव बताया। बलवंत ठाकुर का यह प्रयास देश के विभिन्न हिस्सों में थिएटर शिक्षा के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा