वस्त्र मंत्रालय ने कारीगरों के कौशल उन्नयन और उन्नत उपकरण उपलब्ध कराने के लिए 30.46 लाख रुपये जारी किए
श्रीनगर, 27 अक्टूबर (हि.स.)।
कश्मीर के प्रसिद्ध हस्तशिल्प क्षेत्र के कारीगरों को प्रोत्साहन देने के लिए केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय ने अपने प्रमुख राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रम के तहत 30.46 लाख रुपये जारी किए हैं। इस राशि का उपयोग हस्तनिर्मित कालीन, सोज़नी कढ़ाई, पेपर माचे और अखरोट की लकड़ी की नक्काशी जैसे पारंपरिक शिल्पों में उन्नत उपकरण वितरित करने और कौशल उन्नयन के लिए किया जाएगा।
एनएचडीपी के तहत इन पहलों के लिए कार्यान्वयन एजेंसी कश्मीर स्थित हस्तशिल्प एवं हथकरघा निदेशालय होगी।
श्रीनगर में विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) के कार्यालय ने पारंपरिक शिल्पों को बढ़ावा देने के लिए उन्नत उपकरण वितरित करने और कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान करने के विभाग के प्रस्ताव पर विचार किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर कालीन और सोज़नी कढ़ाई के लिए दो गुरु-शिष्य हस्तशिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वीकृत किए गए हैं जिनके लिए कुल 15.01 लाख रुपये का वित्तीय आवंटन किया गया है। दो महीने की अवधि वाले इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अनुभवी गुरुओं से उभरते हुए शिष्यों को पारंपरिक कौशल का हस्तांतरण करना है जिससे कश्मीर की समृद्ध हस्तशिल्प विरासत का संरक्षण और निरंतरता सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य न केवल मौजूदा कौशल को उन्नत करना है बल्कि इन दोनों शिल्पों में प्रशिक्षित कारीगरों की एक कार्यशील श्रृंखला का पुनर्निर्माण करना भी है।
प्रवक्ता ने बताया कि प्रशिक्षणों को इस तरह से तैयार किया गया है कि इसमें कारीगरों के वेतन, मास्टर कारीगरों के मानदेय, स्थान का किराया, प्रशिक्षण संबंधी उपकरण और कच्चे माल के मुआवजे का भी ध्यान रखा गया है।
इसके अतिरिक्त प्रवक्ता ने बताया कि कश्मीर डिवीजन के कारीगरों के लिए अखरोट की लकड़ी की नक्काशी, सोज़नी कढ़ाई और पेपर माची में तीन उन्नत टूलकिट वितरण कार्यक्रम स्वीकृत किए गए हैं जिनके लिए कुल 15.45 लाख रुपये का वित्तीय आवंटन किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि इस पहल से कारीगरों को बेहतर औजारों तक पहुंच मिलेगी जिससे कार्य कुशलता और उत्पादकता बढ़ेगी और उन्हें अपने उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने में सहायता मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता