महबूबा ने सदियों पुराने चिनार के पेड़ों की कटाई को लेकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की आलोचना की
श्रीनगर, 19 अक्टूबर (हि.स.)। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को सदियों पुराने चिनार के पेड़ों की कटाई को लेकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की आलोचना की और कहा कि पौधे कश्मीर की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत के नुकसान की भरपाई नहीं कर सकते।
एक्स पर एक पोस्ट में मुफ्ती ने कहा कि एक चिनार के पेड़ को पूरी तरह विकसित होने में पीढ़ियां लग जाती हैं और उन्होंने तर्क दिया कि वृक्षारोपण अभियानों से सदियों पुरानी विरासत की भरपाई नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि विडंबना चौंकाने वाली है और आरोप लगाया कि उमर अब्दुल्ला, केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में वाणिज्य मंत्री रहते हुए कश्मीरी तोश शॉल पर प्रतिबंध से जुड़े थे। मुफ्ती ने कश्मीर की पारंपरिक शॉल विरासत पर कथित प्रभाव और चिनार के पेड़ों को लेकर मौजूदा चिंताओं के बीच तुलना करते हुए कहा कि चिनार के पेड़ इस क्षेत्र की जीवंत विरासत का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि पहले कश्मीर की बुनी हुई विरासत पर प्रहार, अब उसकी जीवंत विरासत पर खतरा और आगे जोड़ा कि कश्मीर की परंपराओं और विरासत को नष्ट नहीं किया जाना चाहिए।
ये टिप्पणियां उमर अब्दुल्ला की 15 अक्टूबर को गांदरबल यात्रा के दौरान की गई टिप्पणियों के बाद आई हैं जब उन्होंने कहा था कि चिनार के पेड़ बीहामा-खीर भवानी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण में बाधा डाल रहे हैं और सुझाव दिया था कि कुछ पेड़ों को हटाना पड़ सकता है और उनकी जगह आठ से दस चिनार के पेड़ लगाने पड़ सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता