उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आज लोक भवन में जेल विभाग की एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की

 

जम्मू, 05 नवंबर (हि.स.)।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आज लोक भवन में जेल विभाग की एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में पूरे जम्मू-कश्मीर में जेल सुरक्षा और प्रबंधन प्रोटोकॉल को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की गई।

जेल प्रशासन को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर देते हुए उपराज्यपाल ने पुलिस, जेल विभाग और खुफिया एजेंसियों के बीच एक बेहतर समन्वय तंत्र बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने निर्देश दिया कि आतंकी नेटवर्क, कट्टरपंथ और कानून-व्यवस्था के लिए पैदा होने वाले खतरों से निपटने के लिए पुलिस, जेल विभाग और खुफिया एजेंसियों के बीच नियमित समीक्षा बैठकें हों और खुफिया जानकारी साझा की जाए।

उपराज्यपाल ने जेल परिसरों और उनके आसपास के इलाकों में औचक निरीक्षण करने और जब्त किए गए किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का फोरेंसिक विश्लेषण कराने का निर्देश दिया। बैठक में जेलों के भीतर विशेष 'जेल खुफिया इकाइयों' के गठन, सभी जेलों में बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करने, कैदियों के लिए टेली-मेडिसिन सुविधाओं का विस्तार करने और जेल विभाग में मानव संसाधनों को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।

उपराज्यपाल ने महानपुर में बन रही हाई सिक्योरिटी जेल के काम की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बचे हुए कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर तेजी से पूरा किया जाए।

इस बैठक में डीजीपी नलिन प्रभात, डीजीपी (जेल, जम्मू-कश्मीर) दीपक कुमार, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव चंद्रकर भारती, पीएचक्यू में विशेष डीजी (समन्वय) एस.जे.एम. गिलानी, एडीजी (सीआईडी) एम.के. सिन्हा, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव गोविंद जायसवाल, आईबी (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) के अतिरिक्त निदेशक पंकज कुमार ठाकुर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह