आपने भारत की आत्मा और नई पीढ़ी के लिए दौड़ लगाई है: एलजी सिन्हा

 

श्रीनगर, 01 अक्टूबर (हि.स.)।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि 'रन फॉर यूनिटी' में शामिल 6,000 से ज़्यादा लोगों ने सिर्फ़ एक मैराथन में हिस्सा नहीं लिया बल्कि वे भारत की आत्मा और एक शांतिपूर्ण, एकजुट और प्रगतिशील जम्मू-कश्मीर के लिए दौड़े। श्रीनगर में डल झील के पास पुलिस गोल्फ़ कोर्स में जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा आयोजित मैराथन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए सिन्हा ने प्रतिभागियों को बधाई दी और युवाओं के उत्साह की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि मैं युवाओं की ज़बरदस्त ऊर्जा देखकर बहुत खुश हूँ। मैं सभी धावकों, प्रतिभागियों और जम्मू-कश्मीर पुलिस को दिल से बधाई देना चाहता हूँ।

सिन्हा ने कहा कि प्रतिभागियों ने अपनी भागीदारी के ज़रिए एक मज़बूत संदेश दिया है। उन्होंने इस कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और एकजुट जम्मू-कश्मीर के लिए उनके संकल्प की सामूहिक अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि सभी विजेताओं और प्रतिभागियों ने साबित कर दिया है कि उन्होंने भारत की आत्मा के लिए मैराथन में हिस्सा लिया है और वे ऐसे जम्मू-कश्मीर के लिए दौड़े हैं जो शांतिपूर्ण और एकजुट है और लगातार आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि 'रन फॉर यूनिटी' सिर्फ़ धावकों की रफ़्तार के बारे में नहीं है बल्कि उनके सामूहिक संकल्प की रफ़्तार के बारे में है। सिन्हा ने कहा कि रन फॉर यूनिटी सिर्फ़ हमारे पैरों की रफ़्तार नहीं है, यह हमारे संकल्प की रफ़्तार है। जब लोग साथ मिलकर चलते हैं तो कोई भी मंज़िल नामुमकिन नहीं होती।

उपराज्यपाल ने एकता को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा कि भारत की विविधता ही उसकी पहचान और ताकत का स्रोत है। उन्होंने कहा कि हमेशा याद रखें कि एकता ही सबसे बड़ी ताकत है। भारत की विविधता कभी हमारी कमज़ोरी नहीं रही बल्कि यह भारत की सबसे बड़ी पहचान और सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि भारत की अलग-अलग भाषाएं, परंपराएं, खान-पान और पहनावा एक साझा राष्ट्रीय भावना से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि भाषाएं अलग हैं, परंपराएं अलग हैं, खान-पान और पहनावा भी अलग है, लेकिन इन सभी अंतरों के बावजूद भारत हमारे दिलों में बसता है। सिन्हा ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से बड़ी से बड़ी चुनौतियों से भी पार पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब लाखों कदम एक ही दिशा में बढ़ते हैं तो बड़ी से बड़ी बाधा भी छोटी हो जाती है। जब लाखों दिल एक मकसद के लिए एक साथ आते हैं तो कोई भी पहाड़ इतना ऊंचा नहीं होता जिसे पार न किया जा सके।

युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी भागीदारी भविष्य के लिए एक निवेश है और उन्होंने उनसे जम्मू-कश्मीर को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में काम करने का आग्रह किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह