उपराज्यपाल ने श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 के सफल समापन पर लंगर संगठनों को सम्मानित किया
कटरा, २1 सितंबर (हि.स.)।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आज श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 के सफल समापन के उपलक्ष्य में रियासी के कटरा में लंगर संगठनों के आयोजकों और स्वयंसेवकों को सम्मानित किया।
उपराज्यपाल ने कहा कि लंगर स्वयंसेवक निस्वार्थ सेवा और करुणा के साक्षात उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि इस पवित्र तीर्थयात्रा से जुड़े प्रत्येक हितधारक भारत की शाश्वत सांस्कृतिक चेतना के वाहक हैं और इतिहास प्रत्येक के योगदान को याद रखेगा।
57 दिनों की यह यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई और रक्षा बंधन 28 अगस्त 2026 को समाप्त हुई। इस दौरान 48 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। पहले 20 दिनों में लगभग 82 प्रतिशत दर्शन पूरे हो गए और 30 दिनों में 95 प्रतिशत दर्शन हो गए। 10 दिनों से अधिक समय तक हुई बारिश से यात्रा प्रभावित रही और पहले चार-पांच दिनों में अप्रत्याशित रूप से बड़ी संख्या में अपंजीकृत तीर्थयात्री आ गए।
उपराज्यपाल ने कहा कि श्राइन बोर्ड के समन्वय, त्वरित निर्णयों और सभी हितधारकों के सहयोग से सभी को सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
उन्होंने कहा कि यात्रा के शुरुआती दिनों में ही हमने निस्वार्थ सेवा की भावना देखी और अप्रत्याशित भीड़ के बावजूद किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रही। मेरा मानना है कि भगवान शिव की तीर्थयात्रा का वास्तविक सार केवल पवित्र गुफा तक पहुंचने में ही नहीं बल्कि आधार शिविरों और उन कठिन मार्गों पर दिखाई देने वाली निस्वार्थ सेवा की अद्भुत भावना में भी निहित है।
उपराज्यपाल ने बताया कि 120 लंगर संगठनों ने आधार शिविरों और कठिन मार्गों पर सेवा शिविर स्थापित किए। हजारों स्वयंसेवकों ने कड़ाके की ठंड के बावजूद दिन-रात काम किया और किसी ने भी इसके लिए कोई श्रेय या पुरस्कार नहीं मांगा। उपराज्यपाल ने कहा कि लंगर संगठनों की निस्वार्थ सेवा ने लाखों तीर्थयात्रियों को शक्ति प्रदान की।
यात्रा के प्रबंधन पर प्रकाश डालते हुए उपराज्यपाल ने बताया कि लगभग 1.87 लाख श्रद्धालुओं ने डिजिटल प्रीपेड प्रणाली के माध्यम से पालकी और टट्टू सेवाओं का लाभ उठाया जिससे निर्धारित दरों का पालन सुनिश्चित हुआ, शिकायतों का त्वरित निवारण हुआ और अधिक शुल्क वसूलने पर रोक लगी। 595 से अधिक बिस्तरों और 26 ऑक्सीजन बूथों सहित 93 चिकित्सा सुविधाएं स्थापित की गईं। डीआरडीओ और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बालताल और चंदनवारी में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल स्थापित किए। कुल 1,430 डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी चौबीसों घंटे तैनात रहे साथ ही दुर्गम मार्गों के लिए 4×4 वाहनों सहित 48 एम्बुलेंस भी उपलब्ध कराई गईं। लगभग 7,900 शौचालय और स्नान इकाइयां स्थापित की गईं और 7,900 स्वच्छता कर्मचारियों को तैनात किया गया जिससे शून्य अपशिष्ट यात्रा के संकल्प को साकार किया गया।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में स्वच्छ अमरनाथ यात्रा का उल्लेख किया था।
उपराज्यपाल ने कहा कि इस यात्रा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब प्रशासन, नागरिक समाज, जम्मू-कश्मीर के स्थानीय निवासी और लंगर संगठन एकजुट संकल्प के साथ काम करते हैं तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं है। उन्हें भारत की साझा सभ्यतागत विरासत का संरक्षक बताते हुए उपराज्यपाल ने सभी हितधारकों से इस वर्ष के अनुभव के आधार पर अगले वर्ष की तैयारियों को शुरू करने और श्राइन बोर्ड के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया ताकि श्री अमरनाथ जी यात्रा को राष्ट्रव्यापी स्तर पर एक आदर्श आध्यात्मिक तीर्थयात्रा के रूप में माना जाए।
हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह