लखनपुर टोल प्लाजा या वसूली का अड्डा-सुविधाएं नदारद, जाम से बेहाल यात्री
कठुआ, 14 अक्टूबर (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के प्रवेशद्वार लखनपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के टोल प्लाजा पर बदइंतजामी के चलते यात्रियों को रोजाना जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि आठ रास्तों में से महज चार बूम बैरियर वाले रास्तों को ही चालू रखा गया है। इन रास्तों से छोटी कारों से लेकर बड़े मालवाहक और ओवरलोड वाहन तक एक साथ निकाले जा रहे हैं। नतीजतन वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं और कई बार दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। इसके बावजूद टोल प्लाजा की व्यवस्था में सुधार होता नजर नहीं आ रहा है।
हैरानी की बात यह है कि यात्रियों से निर्धारित टोल शुल्क पूरा वसूला जा रहा है लेकिन उन्हें सुचारु यातायात और बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। टोल प्लाजा के आसपास पिछले करीब छह महीनों से निर्माण कार्य चल रहा है लेकिन इसे अब तक पूरा नहीं किया गया है। इससे जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने और प्रदेश से बाहर जाने वाले वाहन चालकों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
टोल प्लाजा पर थोड़ी-सी बारिश होने पर जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है। इससे वाहनों की आवाजाही और प्रभावित होती है तथा जाम की लंबाई बढ़ जाती है। सीमित रास्तों पर सभी प्रकार के वाहनों का दबाव होने के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है। सवाल यह है कि जब प्रदेश के प्रमुख प्रवेशद्वार पर ही ऐसी स्थिति है तो यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के दावों का क्या औचित्य रह जाता है?
लखनपुर टोल प्लाजा से जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और केंद्र सरकार के अधिकारी भी रोजाना गुजरते हैं। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आते हैं जबकि आम जनता जाम और अव्यवस्था का खामियाजा भुगत रही है।
लखनपुर जम्मू-कश्मीर का प्रमुख प्रवेशद्वार है। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटकों और अन्य यात्रियों का केंद्र शासित प्रदेश में प्रवेश करते ही इस तरह की अव्यवस्था से सामना होना जम्मू-कश्मीर की छवि और पर्यटन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। यात्रियों का कहना है कि प्रवेशद्वार पर बेहतर यातायात प्रबंधन और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना संबंधित एजेंसियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मामले का कड़ा संज्ञान लेने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य या टोल प्लाजा की व्यवस्था ठेकेदार की जिम्मेदारी है तो उसके काम की समीक्षा कर लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं यदि व्यवस्था की जिम्मेदारी एनएचएआई के अधिकारियों की है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। लोगों ने मांग की है कि सभी रास्तों को निर्धारित मानकों के अनुरूप दुरुस्त कर चालू किया जाए, जलभराव की समस्या दूर की जाए और निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए। यात्रियों का सवाल है कि जब टोल शुल्क पूरा लिया जा रहा है तो उन्हें सुविधाएं देने में इतनी लापरवाही क्यों बरती जा रही है? अब देखना यह है कि संबंधित अधिकारी इस समस्या का समाधान कब तक करते हैं या लखनपुर का टोल प्लाजा यूं ही बदइंतजामी और जाम के लिए चर्चा में बना रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया