एसीडी किश्तवाड ने एमजीएनआरईजीए में खराब प्रदर्शन के चलते बीडीओ के वेतन पर लगाई रोक
किश्तवाड, 19 मई (हि.स.)। सहायक आयुक्त विकास (एसीडी) किश्तवाड ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) के तहत लक्ष्यों के खराब कार्यान्वयन और प्राप्ति न होने के कारण जिले के कई ब्लॉक विकास अधिकारियों (बीडीओ) के वेतन रोकने का आदेश दिया है। एसीडी किश्तवाड मनोज कुमार (जेकेएएस) द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार जिले को अप्रैल 2026 तक एमजीएनआरईजीए के तहत 15,000 मानवदिवस सृजित करने का लक्ष्य दिया गया था। हालांकि पूरे जिले में केवल 70 मानवदिवस ही सृजित किए गए जो स्वीकृत लक्ष्य के मुकाबले मात्र 0.47 प्रतिशत उपलब्धि है।
आदेश में कहा गया है कि बार-बार निर्देश देने, स्वीकृत वार्षिक कार्य योजनाओं (एएपी) और संबंधित ब्लॉकों को लक्ष्यों की सूचना देने के बावजूद अधिकारी कार्यों के प्रभावी निष्पादन, रोजगार कार्ड धारकों को जुटाने और योजनाओं के समय पर कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने में विफल रहे। प्रशासन ने पाया कि खराब प्रदर्शन ने ग्रामीण रोजगार कार्ड धारकों के अधिकारों और हकों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया और एमजीएनआरईजीए अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किया।
एसीडी ने बताया कि पहले संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर खराब प्रदर्शन के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया था जिसमें वेतन रोके जाने और अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना भी शामिल थी।
कुछ अधिकारियों ने जवाब प्रस्तुत किए लेकिन प्रशासन ने उन्हें अस्पष्ट, असंतोषजनक और ठोस औचित्य से रहित बताया जबकि कई अन्य निर्धारित समय के भीतर जवाब देने में विफल रहे। समीक्षा के बाद संबंधित बीडीओ के वेतन को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक रोक दिया गया है।
विभाग द्वारा जारी ब्लॉक-वार प्रदर्शन तालिका के अनुसार कई ब्लॉकों में शून्य प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई जबकि कुछ ही ब्लॉकों में न्यूनतम मानवदिवस का सृजन हुआ। पद्दर ब्लॉक ने 6.67 प्रतिशत की उच्चतम उपलब्धि दर्ज की इसके बाद दच्छन ब्लॉक में 3.14 प्रतिशत उपलब्धि रही। आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में तत्काल सुधार करने, एमजीएनआरईजीए के तहत रोजगार सृजन सुनिश्चित करने, पीएमएवाई के लंबित घरों को पूरा करने, चूककर्ताओं से बकाया वसूलने और आवश्यक रिपोर्ट बिना देरी के प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है, ऐसा न करने पर नियमों के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता