कठुआ-उधमपुर एक दशक से अधिक समय में विकास केंद्र के रूप में उभरा
जम्मू, 18 मई (हि.स.)। विकास की कहानी में व्यापक बदलाव को दर्शाते हुए जम्मू-कश्मीर में कठुआ-उधमपुर संसदीय क्षेत्र में एक दशक से अधिक समय में एक दृश्यमान और मापने योग्य परिवर्तन आया है।यह निर्वाचन क्षेत्र आज उच्च प्रभाव वाले बुनियादी ढांचे से लेकर शिक्षा, उद्योग, कनेक्टिविटी, तीर्थयात्रा सुविधाओं और ग्रामीण उत्थान तक एकीकृत विकास का एक मॉडल प्रस्तुत करता है। यह बात केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कही
उन्होंने आगे कहा कि कठुआ, उधमपुर, डोडा, किश्तवाड़ और रामबन नामक पांच जिलों वाले इस निर्वाचन क्षेत्र में पिछले दस वर्षों में विकास की संस्कृति बदल गई है और हम वादों से प्रदर्शन की ओर फाइलों से फील्डवर्क की ओर बढ़ गए हैं। निर्वाचन क्षेत्र में विकासात्मक परिवर्तन और बुनियादी ढांचे की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि कठुआ-उधमपुर इस विकास यात्रा का प्रतीक है और यह क्षेत्र इस बात का जीवंत उदाहरण है कि निरंतर राजनीतिक इच्छाशक्ति, वैज्ञानिक हस्तक्षेप और बुनियादी ढांचे का निवेश भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र की नियति को अवसर और प्रगति के केंद्र में कैसे बदल सकता है।
इस बदलाव का एक परिभाषित प्रतीक जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सुरंग है जिसका उद्घाटन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। उन्होंने कहा कि आगामी कटरा-दिल्ली एक्सप्रेसवे से यात्रा के समय को पांच से छह घंटे तक कम करने की उम्मीद है जबकि सीमा सड़क संगठन ने निर्वाचन क्षेत्र में 200 से अधिक पुल बनाए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि उधमपुर में 190 करोड़ रुपये की देविका रिवरफ्रंट परियोजना ने पवित्र देविका रिवरफ्रंट को एक आधुनिक शहरी स्थान में बदल दिया है। रावी पर बसोहली में प्रतिष्ठित अटल सेतु और कठुआ में कीडियान-गंडियाल पुल ने क्षेत्रीय गतिशीलता को बढ़ाया है। रेल कनेक्टिविटी पर उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज चिनाब रेल ब्रिज के समर्पण और उधमपुर और कठुआ के रास्ते कटरा और दिल्ली के बीच दो वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत के साथ रेल कनेक्टिविटी ने भी नई ऊंचाइयों को छुआ है।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि उधमपुर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर शहीद तुषार महाजन के नाम पर रखा गया है। कठुआ में उत्तर भारत का पहला औद्योगिक बायोटेक पार्क है सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन द्वारा स्थापित बायोनेस्ट इनक्यूबेटर कठुआ के घट्टी में नवाचार का पोषण करता है। कठुआ में ऑर्किड बायो-फार्मा की आधारशिला वैश्विक पदचिह्नों के साथ फार्मा छलांग का संकेत देती है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अरोमा मिशन के तहत डोडा में पर्पल रिवोल्यूशन का जिक्र प्रधानमंत्री के 'मन की बात' में भी हुआ और इस मिशन में किसानों को विज्ञान से जोड़ा गया जिसके माध्यम से लैवेंडर की खेती ने स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बदल दिया। डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि उधमपुर के मानतलाई में अंतर्राष्ट्रीय योग केंद्र, स्वदेश दर्शन में मानसर झील का समावेश और किश्तवाड़ में मचैल यात्रा के दौरान बेहतर सुविधाएं समावेशी योजना को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि रूसा के तहत पहाड़ी पद्दार में एक डिग्री कॉलेज ने दूरदराज के इलाकों में उच्च शिक्षा प्रदान की है जबकि पाकल दुल, किरू, क्वार, दुल हस्ती और किश्तवाड़ जिले में पुनर्जीवित रैटल परियोजना ऊर्जा सुरक्षा और रोजगार का वादा करती है। साथ ही सिंह ने कहा कि पिछले एक साल में अकेले निर्वाचन क्षेत्र में 21 प्रमुख कार्य हुए जिनमें डोडा, किश्तवाड़ और उधमपुर के लिए एनएच-244 के तहत लगभग 9,800 करोड़ रुपये की सुरंग परियोजनाओं को मंजूरी, चटरगला सुरंग, उधमपुर हवाई अड्डे का संचालन और पहाड़ी इलाकों में उड़ान सिग्नल विमानन आउटरीच के तहत किश्तवाड़ को शामिल करना शामिल है।
हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता