सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से कूड़े के ढेर में तब्दील हुआ कठुआ, बीमारी का बढ़ा खतरा

 


कठुआ, 24 अगस्त (हि.स.)। लंबित मांगों, विशेषकर स्थायी किए जाने की मांग को लेकर नगर परिषद कठुआ के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार जारी रहने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शहर के मुख्य चैक-चैराहों और सड़कों के किनारे नगर परिषद द्वारा लगाए गए डस्टबिन कूड़े से भर चुके हैं और इनके आसपास करीब 50 मीटर के दायरे तक कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं।

बरसात के मौसम में हालात और भी चिंताजनक हो गए हैं। बारिश के पानी के साथ कचरा नालियों में पहुंच रहा है जिससे नालियां अवरुद्ध होने के साथ गंदा पानी सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर फैल रहा है। इससे शहरवासियों को दुर्गंध और गंदगी के साथ-साथ जलजनित एवं संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर स्पष्ट रुख अपनाए हुए हैं। उनका कहना है कि वे अब केवल आश्वासनों के भरोसे हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। कर्मचारियों ने दो टूक कहा है कि जब तक उन्हें स्थायी करने की मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं सफाई व्यवस्था ठप होने से आम लोगों में भी रोष बढ़ रहा है। शहरवासियों का कहना है कि बरसात के बीच जगह-जगह जमा कचरा किसी गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकता है। लोगों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों का जल्द समाधान कर हड़ताल समाप्त करवाई जाए तथा शहर की सफाई व्यवस्था तत्काल बहाल की जाए। यदि स्थिति का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में कठुआ शहर में गंदगी और जलभराव के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और गंभीर रूप ले सकती हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया