कठुआ बना कूड़ाघर-सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से हालात बेकाबू, बीमारी का खतरा मंडराया, प्रशासन बेबस
कठुआ, 08 जून (हि.स.)। नगर परिषद कठुआ के सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर जारी हड़ताल सोमवार को 14वें दिन भी जारी रही जिसके चलते पूरे शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हालात यह हैं कि शहर के मुख्य चौक चौराहों से लेकर वार्डों तक कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लग चुके हैं और कूड़ा अब डस्टबिन से बाहर निकलकर सड़कों पर फैल रहा है।
भीषण गर्मी के बीच सड़ते कचरे से उठती बदबू और गंदगी ने शहरवासियों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। हल्की हवा चलते ही प्लास्टिक और कचरा दुकानों व घरों तक पहुंच रहा है जिससे लोगों में बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। कई स्थानों पर नाले और नालियां कचरे से जाम हो चुके है जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर में भी म्यूनिसिपल कमेटी के सफाई कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं। यहां से गुजरने वाले बाहरी यात्रियों का स्वागत पिछले दो हफ्तों से गंदगी के बीच हो रहा है जो प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी तरह जायज हैं, जिनमें नियमितीकरण (स्थाई करना), वेतन वृद्धि और खाली पदों को भरना शामिल है। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
इस बीच स्थानीय लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। गंदगी के कारण मच्छरों और संक्रमणजनित बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो शहर में स्वास्थ्य संकट खड़ा हो सकता है। जुलाई माह से शुरू होने वाली बाबा अमरनाथ यात्रा को देखते हुए भी यह स्थिति प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। यात्रा के सुचारू संचालन के लिए साफ-सफाई व्यवस्था बेहद जरूरी है लेकिन मौजूदा हालात में यह एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है। अब सबकी निगाहें सरकार और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। अगर जल्द ही सफाई कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो कठुआ शहर में गंदगी का यह संकट विकराल रूप ले सकता है और गंभीर बीमारियों के फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया