जेकेएनपीपी-भीम ने ब्रिगेडियर राजिंदर सिंह को जयंती पर दी श्रद्धांजलि
जम्मू, 14 जून (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी-भीम (जेकेएनपीपी-भीम) ने अपने अध्यक्ष विलक्षण सिंह के नेतृत्व में भारत के प्रथम महावीर चक्र (एमवीसी) विजेता और जम्मू-कश्मीर के महान योद्धा ब्रिगेडियर राजिंदर सिंह की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके अद्वितीय बलिदान और वीरता को नमन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विलक्षण सिंह ने ब्रिगेडियर राजिंदर सिंह को जम्मू-कश्मीर का रक्षक तथा डोगरा समुदाय के गौरव का शाश्वत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ब्रिगेडियर राजिंदर सिंह ने अपने अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान से जम्मू-कश्मीर को बचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने अक्टूबर 1947 की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराजा हरि सिंह के आदेश पर ब्रिगेडियर राजिंदर सिंह ने मात्र लगभग 150 सैनिकों के साथ छह हजार से अधिक पाकिस्तानी हमलावरों का डटकर मुकाबला किया। उन्होंने उड़ी पुल को उड़ाकर दुश्मन की प्रगति को रोका और चार दिनों तक वीरतापूर्वक संघर्ष करते हुए हमलावरों को आगे बढ़ने से रोके रखा। उनके इस साहसिक कदम से महाराजा हरि सिंह को भारत के साथ विलय-पत्र (इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन) पर हस्ताक्षर करने और भारतीय सेना को श्रीनगर पहुंचने के लिए आवश्यक समय मिला।
विलक्षण सिंह ने कहा कि 26 अक्टूबर 1947 को बोनियार क्षेत्र में लड़ते हुए ब्रिगेडियर राजिंदर सिंह ने सर्वोच्च बलिदान दिया और भारतीय सैन्य इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि उन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया और वे भारतीय सेना के पहले महावीर चक्र विजेता बने। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी ब्रिगेडियर राजिंदर सिंह के योगदान और बलिदान से पर्याप्त रूप से परिचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि जम्मू-कश्मीर की डोगरा सेना के इस ऐतिहासिक संघर्ष और बलिदान को देशभर के स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके साहस, देशभक्ति और बलिदान से प्रेरणा प्राप्त कर सकें।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा