सरकारी कर्मचारियों की लंबित मांगों पर प्रशासन की उदासीनता पर चिंता जताई
जम्मू,, 19 जनवरी (हि.स.)। जम्मू और कश्मीर एम्प्लॉईज जॉइंट कंसल्टेटिव कमिटी के अध्यक्ष श्री अइजाज अहमद खान की अध्यक्षता में आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर के सरकारी कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित और जायज मुद्दों पर निरंतर उपेक्षा और समाधान न होने को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।
जेकेईजेसीसी ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए यह हमेशा संवाद, बातचीत और संवैधानिक साधनों पर भरोसा करता आया है। दशकों से यह संगठन सरकारी कर्मचारियों के सेवा अधिकार, कल्याण, गरिमा और निष्पक्ष व्यवहार की रक्षा में अग्रणी रहा है, विशेषकर राजनीतिक और प्रशासनिक बदलावों के दौरान, जिसमें पुनर्गठन (रीऑर्गनाइजेशन) का दौर भी शामिल है।
हालांकि कई प्रतिनिधित्व, ज्ञापन और अधिकारियों के साथ बैठकें की गईं और आश्वासन भी दिए गए लेकिन पिछले दो-तीन वर्षों में कई महत्वपूर्ण मांगों पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। इस अनदेखी और प्रशासनिक उदासीनता ने कर्मचारियों में व्यापक असंतोष पैदा कर दिया है। जेकेईजेसीसीने चेतावनी दी कि कर्मचारियों का धैर्य कमजोरी नहीं माना जाना चाहिए और उनके जायज मांगों की अनदेखी अब और सहन नहीं की जाएगी।
जेकेईजेसीसी ने सरकार को स्पष्ट और अंतिम अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि 4 फरवरी 2026 तक कर्मचारियों की लंबित और जायज मांगों के समाधान के लिए ठोस, भरोसेमंद और परिणामोन्मुख कदम उठाए जाएँ।
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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता