जल शक्ति विभाग के ठेकेदारों ने लंबित भुगतान जारी करने की मांग उठाई
जम्मू,, 19 अक्टूबर (हि.स.)।
जम्मू-कश्मीर पीएचई जल शक्ति कॉन्ट्रैक्टर्स को ऑर्डिनेशन कमेटी ने जल शक्ति विभाग में काम करने वाले ठेकेदारों के लंबित भुगतान और फंड के असमान वितरण को लेकर गंभीर चिंता जताई है। कमेटी ने सरकार से मांग की है कि जम्मू और कश्मीर के ठेकेदारों को बराबर आधार पर फंड उपलब्ध करवाया जाए और लंबे समय से रुके हुए भुगतान जल्द जारी किए जाएं।
कमेटी के अध्यक्ष रईस अहमद खान और कश्मीर प्रांत के अध्यक्ष नजीर अहमद मीर की ओर से जारी प्रेस बयान में कहा गया कि जल शक्ति विभाग के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं में काम कर चुके ठेकेदारों को भुगतान न मिलने के कारण आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से रेट्रोफिटिंग योजनाओं के तहत पूरे किए गए कार्यों की बकाया राशि लंबे समय से जारी नहीं की गई है।
जम्मू को 450 करोड़, कश्मीर को 100 करोड़ मिलने का दावा
कमेटी ने आरोप लगाया कि सिंगल विलेज स्कीम के तहत जम्मू और कश्मीर संभाग के बीच फंड का वितरण बराबर नहीं किया गया है। प्रेस बयान के अनुसार, जम्मू के लिए करीब 450 करोड़ रुपये और कश्मीर के लिए केवल 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जबकि कमेटी का दावा है कि कश्मीर को कुल फंड का महज 13 प्रतिशत और जम्मू को 65 प्रतिशत हिस्सा मिला है।
कमेटी ने इस अंतर पर सवाल उठाते हुए कहा कि दोनों संभागों के ठेकेदारों के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए और फंड का वितरण पारदर्शी तरीके से होना चाहिए।
लंबित बिलों के कारण आर्थिक संकट का दावा
कमेटी के अनुसार, भुगतान में देरी के कारण ठेकेदारों को आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई ठेकेदारों ने विभागीय योजनाओं के तहत काम पूरा कर लिया है, लेकिन उन्हें अब तक उनकी बकाया राशि नहीं मिल पाई है।
कमेटी ने कहा कि ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार को जल्द भुगतान जारी करना चाहिए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
कमेटी ने सरकार के सामने रखीं तीन प्रमुख मांगें
कमेटी ने सरकार से मांग की है कि रेट्रोफिटिंग कार्यों सहित सभी लंबित और वैध भुगतान तुरंत जारी किए जाएं। इसके साथ ही जम्मू और कश्मीर संभाग के बीच फंड का बराबर एवं निष्पक्ष वितरण सुनिश्चित किया जाए।
कमेटी ने बिलों के भुगतान की प्रक्रिया में सुधार करने और देरी तथा प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने के लिए बेहतर व्यवस्था बनाने की भी मांग की है।
पारदर्शी और समयबद्ध समाधान की अपील
कमेटी ने कहा कि ठेकेदारों की आर्थिक परेशानियों को दूर करने के लिए एक पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था जरूरी है। इससे न केवल ठेकेदारों को राहत मिलेगी, बल्कि जल जीवन मिशन से जुड़े कार्यों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
कमेटी ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और लंबित भुगतान तथा फंड वितरण के मुद्दे का जल्द समाधान निकालेगी।
हालांकि, कमेटी की ओर से बताए गए फंड आवंटन के आंकड़ों और असमान वितरण के आरोपों पर विभाग का पक्ष इस प्रेस बयान में शामिल नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता