कश्मीर की ईओडब्ल्यू ने 60 लाख के बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में चार्जशीट दाखिल की

 


श्रीनगर, 5 जुलाई (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) ने श्रीनगर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में 60 लाख के बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में चार्जशीट दाखिल की है। यह जाली रेवेन्यू रिकॉर्ड और प्रॉपर्टी के नकली कागजात का इस्तेमाल करके 60 लाख का लोन लेने का मामला है।

क्राइम ब्रांच के अनुसार जांच जम्मू-कश्मीर बैंक की शिकायत के बाद शुरू की गई थी। बैंक का आरोप था कि 2007 में जाली रेवेन्यू रिकॉर्ड और नकली टाइटल डॉक्यूमेंट्स के आधार पर अचल संपत्ति गिरवी रखकर बैंक की ज़ैनकोट ब्रांच से 30 लाख का टर्म लोन और रेजिडेंसी रोड ब्रांच से 30 लाख की कैश क्रेडिट सुविधा धोखाधड़ी से हासिल की गई थी। जांच में पता चला कि लोन लेने के बाद उधार लेने वालों ने उसे नहीं चुकाया। बाद में रेवेन्यू डिपार्टमेंट की जांच से पुष्टि हुई कि बैंक में जमा किए गए मॉर्गेज डीड (गिरवी रखने के दस्तावेज), रेवेन्यू एक्सट्रैक्ट और मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज जाली और नकली थे। जांच में यह भी पता चला कि शेख समीउल्लाह की अगुवाई में आरोपियों ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके बैंक को धोखा देने की आपराधिक साजिश रची। इस तरह उन्होंने बेईमानी से लोन हासिल किया और मंजूर की गई रकम का गलत इस्तेमाल किया जिससे बैंकिंग संस्थान को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

जांच पूरी होने के बाद इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इस बीच क्राइम ब्रांच ने लोगों से आर्थिक और वित्तीय धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने और ऐसे अपराधों की तुरंत सूचना सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस, इकोनॉमिक ऑफेंस विंग, कश्मीर को देने की अपील की है। वित्तीय धोखाधड़ी के पीड़ित उचित कानूनी कार्रवाई के लिए ईओडब्ल्यू के आधिकारिक ई-मेल पते पर भी अपनी शिकायतें भेज सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता