बिजली दर बढ़ोतरी से जम्मू-कश्मीर के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा 251 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ

 

श्रीनगर, 22 सितंबर (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में बताया कि हाल में बिजली दरों में 6.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी से वित्त वर्ष 2026-27 में उपभोक्ताओं पर करीब 251 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। विधायक सज्जाद गनी लोन के सवाल के लिखित जवाब में ऊर्जा विकास विभाग ने यह जानकारी दी।

विभाग के अनुसार, संयुक्त विद्युत नियामक आयोग (जेईआरसी) की ओर से घोषित दर वृद्धि से बिजली वितरण कंपनियों को 2026-27 में 251 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलने का अनुमान है। सरकार ने कहा कि बिजली आपूर्ति की लागत और राजस्व के बीच अंतर कम करने तथा वार्षिक राजस्व आवश्यकता पूरी करने के लिए दरों में संशोधन लंबे समय से लंबित था।

सरकार की ओर ले बताया गया कि बिजली खरीद लागत की भरपाई के लिए उसे अब भी 4,500 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी देनी होगी। जम्मू-कश्मीर प्रशासन और केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों पर बिजली शुल्क का 4,385.30 करोड़ रुपये बकाया है।

राजस्व संग्रह के आंकड़ों के अनुसार, कश्मीर घाटी में घरेलू उपभोक्ताओं से 2025-26 में 1,455.90 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि 2024-25 में यह राशि 1,238.07 करोड़ रुपये थी। चालू वित्त वर्ष में अगस्त तक 547.79 करोड़ रुपये राजस्व मिला है। इसमें मीटर वाले उपभोक्ताओं से 383.08 करोड़ और फ्लैट-रेट उपभोक्ताओं से 164.71 करोड़ रुपये शामिल हैं।

सरकार ने बताया कि पात्र एपीएल परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की योजना 'पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना' के तहत आरईएससीओ आधारित रूफटॉप सोलर योजना के माध्यम से लागू की जा रही है। टेंडर प्रक्रिया का मूल्यांकन जारी है और रूफटॉप सोलर सिस्टम चालू होने के बाद पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिलने लगेगा।------------

हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह