जनता दरबार में जसरोटिया ने जनता की शिकायतों का किया समाधान -जी राम जी अधिनियम पर दिया स्पष्टीकरण कहा पारदर्शिता और जवाबदेही का मुख्य स्तंभ

 


कठुआ 14 जनवरी (हि.स.)। जसरोटिया ने कठुआ स्थित भाजपा कार्यालय में जन दरबार आयोजित किया, जनता की शिकायतों का समाधान किया और वीबी-जी राम जी अधिनियम पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि जी राम जी अधिनियम 2025 ग्रामीण जीवन स्तर को गरिमापूर्ण बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

जसरोटा विधायक राजीव जसरोटिया ने लोगेट मोड़ स्थित भाजपा कार्यालय में जन दरबार आयोजित किया, जिसमें उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों के लोगों की शिकायतों एवं मुद्दों को सुना। इस पहल का उद्देश्य जनता तक सीधी पहुंच सुनिश्चित करना और निवासियों को अपने निर्वाचित प्रतिनिधि के समक्ष अपनी चिंताओं को रखने का मंच प्रदान करना था। इस संवाद के दौरान, राजीव जसरोटिया ने बुनियादी सुविधाओं, विकास कार्यों, कल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक देरी से संबंधित मुद्दों को धैर्यपूर्वक सुना और संबंधित विभागों के समन्वय से समय पर समाधान का आश्वासन दिया। जन दरबार में भाजपा जिला अध्यक्ष कठुआ उपदेश अंडोत्रा, जिला महासचिव राजेश मेहता और गगन सिंह, जिला अध्यक्ष एससी मोर्चा निगेश, साथ ही क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों के कई प्रमुख प्रतिनिधि और निवासी उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन विधायक द्वारा नियमित रूप से ऐसे जन संपर्क कार्यक्रमों को जारी रखने और जसरोटा निर्वाचन क्षेत्र के समग्र विकास और कल्याण के लिए अथक प्रयास करने के आश्वासन के साथ हुआ।

इस अवसर पर राजीव जसरोटिया ने ऐतिहासिक वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 के विरुद्ध कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे नकारात्मक प्रचार का कड़ा खंडन करते हुए ऐसी आलोचना को राजनीतिक रूप से प्रेरित और जमीनी हकीकत से परे बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अधिनियम देश भर के ग्रामीण परिवारों, विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर के लिए गरिमापूर्ण, टिकाऊ और सुरक्षित आजीविका सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम है। जसरोटिया ने कहा कि अस्थायी राहत और तदर्थ उपायों पर आधारित पिछली योजनाओं के विपरीत, वीबी-जी आरएएम जी अधिनियम 2025 एक कानूनी रूप से लागू करने योग्य ढांचा प्रदान करता है जो प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित करता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इससे ग्रामीण परिवारों के लिए आय स्थिरता, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक आत्मविश्वास सुनिश्चित होता है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की खोखले वादों के बजाय संरचित अवसरों के माध्यम से गरीबों को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अस्पष्टता के आरोपों को खारिज करते हुए जसरोटिया ने रेखांकित किया कि पारदर्शिता और जवाबदेही अधिनियम के मुख्य स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि समयबद्ध वेतन भुगतान, विलंब के लिए स्वचालित मुआवजा, सामाजिक लेखापरीक्षा, कार्यों की भौगोलिक टैगिंग, डिजिटल निगरानी और सख्त सत्यापन तंत्र जैसे प्रावधान भ्रष्टाचार, फर्जी हाजिरी सूचियों और भ्रष्टाचार के गबन को प्रभावी ढंग से समाप्त करेंगे। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 सिर्फ एक योजना नहीं है, यह ग्रामीण परिवारों को सशक्त बनाने, आजीविका में सुधार लाने और आत्मनिर्भर एवं समावेशी भारत के निर्माण की प्रतिबद्धता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया