जम्मू रेलवे मंडल के टिकट चेकिंग स्टाफ ने तीन अलग-अलग घटनाओं में यात्रियों की मदद की
जम्मू,, 15 अक्टूबर (हि.स.)।
उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल में टिकट चेकिंग स्टाफ और वाणिज्य नियंत्रण कक्ष के कर्मचारियों ने अपनी सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और मानवता का परिचय देते हुए तीन अलग-अलग घटनाओं में यात्रियों की मदद की। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक जम्मू उचित सिंघल के मार्गदर्शन में कर्मचारियों ने एक गंभीर रूप से बीमार यात्री को समय पर अस्पताल पहुंचाया, परिवार से बिछड़ी महिला की सहायता की और एक मासूम बच्ची को उसके परिजनों से सुरक्षित मिलवाया।
पहली घटना जम्मू तवी-अजमेर पूजा सुपरफास्ट एक्सप्रेस की है। ट्रेन संख्या 12414 के कोच एम-1 में सीट नंबर 1 और 3 पर यात्रा कर रहे 67 वर्षीय यात्री रतींदास को जम्मू से दिल्ली की यात्रा के दौरान अचानक गंभीर मेडिकल अटैक आया। यात्री की हालत बिगड़ते देख ड्यूटी पर मौजूद टिकट चेकिंग स्टाफ ने तुरंत कार्रवाई की।
रेलवे कर्मचारियों ने वाणिज्य नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर एम्बुलेंस की व्यवस्था करवाई और यात्री को समय रहते अस्पताल में भर्ती कराया। रेलवे के अनुसार कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई से यात्री की जान बचाने में मदद मिली।
दूसरी घटना श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा रेलवे स्टेशन की है। यहां महिला यात्री गुड्डी देवी अपने पति से बिछड़ गई थीं। महिला के साथ दो छोटे बच्चे भी मौजूद थे। स्टेशन पर लगातार घोषणाएं करने और काफी प्रयासों के बावजूद उनके पति का पता नहीं चल सका।
ऐसी स्थिति में ड्यूटी पर तैनात टिकट चेकिंग कर्मचारी जगदीप और उनके सहयोगियों ने महिला की मदद के लिए आगे आकर उनके टिकट की व्यवस्था की। इसके बाद महिला और बच्चों को ट्रेन संख्या 04082 में सुरक्षित बैठाया गया। महिला यात्री ने इस सहायता के लिए कटड़ा रेलवे स्टेशन के कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
तीसरी घटना 15 अक्टूबर को कटड़ा रेलवे स्टेशन पर हुई, जहां एक छोटी बच्ची अपने माता-पिता से बिछड़ गई थी। ड्यूटी पर मौजूद वाणिज्य विभाग के कर्मचारी नरेंद्र कुमार मीना ने बच्ची को सुरक्षित अपनी देखरेख में लिया और उसके परिजनों की तलाश शुरू की।
लगातार प्रयासों के बाद रेलवे कर्मचारी बच्ची के परिवार का पता लगाने में सफल रहे और उसे सुरक्षित उसके माता-पिता से मिलवा दिया।
जम्मू रेलवे मंडल ने इन तीनों घटनाओं में कर्मचारियों की संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना की है। मंडल ने कहा कि ऐसे कर्मचारी न केवल अपनी ड्यूटी पूरी जिम्मेदारी से निभाते हैं बल्कि जरूरत पड़ने पर यात्रियों की सहायता के लिए भी तत्पर रहते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता