युवाओं के हाथों में है मादक पदार्थों के खतरे को समाप्त करने की कुंजी : मनाेज सिन्हा

 

जम्मू, 25 अप्रैल (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा शनिवार को 'नशा मुक्त अभियान' के तहत 100 दिवसीय गहन अभियान के हिस्से के रूप में सांबा जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि युवाओं के हाथों में ही मादक पदार्थों के खतरे को समाप्त करने की कुंजी है। सांबा में भारी जनसभा हुई जहां समाज के सभी वर्गों के लोग नशामुक्त अभियान का समर्थन करने के लिए एकजुट हुए और समाज से नशे की बुराई को खत्म करने का संकल्प लिया।

उपराज्यपाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने दोहराया कि यह 100 दिवसीय आंदोलन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा और इस बात का प्रमाण होगा कि जब लोग एकजुट होते हैं तो वे इतिहास बदल सकते हैं।

गत 11 अप्रैल को उपराज्यपाल ने नशा विरोधी अभियान की शुरुआत के उपलक्ष्य में जम्मू के मध्य में स्थित एमए स्टेडियम से परेड ग्राउंड तक पदयात्रा का नेतृत्व किया। पिछले पखवाड़े में उन्होंने अभियान के तहत विभिन्न जिलों में रैलियों का नेतृत्व किया। उपराज्यपाल ने युवाओं को बताया कि इस “गंभीर समस्या” का समाधान उनके हाथों में है।

उन्होंने युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके सपने शक्तिशाली हैं, उनकी क्षमता असीमित है और समाज को उन सपनों को साकार करने के लिए उनका साथ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने उनसे दृढ़ संकल्प के साथ सही रास्ते पर बने रहने का आग्रह किया।

पिछले दो हफ्तों में जम्मू और कश्मीर में चलाए गए एक बड़े अभियान में अधिकारियों ने कई सरगनाओं सहित दर्जनों नशीले पदार्थों के तस्करों को गिरफ्तार किया और कुख्यात तस्करों से जुड़ी आधा दर्जन से अधिक आवासीय संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता