केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू में आईटीईपी पाठ्यक्रमों को मिली मंजूरी, बीए-बीएड और बीएससी-बीएड कार्यक्रम नए शैक्षणिक सत्र से होंगे शुरू
जम्मू, 09 मई (हि.स.)। जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षा अध्ययन विभाग की बोर्ड ऑफ स्टडीज (बीओएस) बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा बीए-बीएड और बीएससी-बीएड एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) शुरू करने को मंजूरी प्रदान की गई। विश्वविद्यालय के कुलपति संजीव जैन के नेतृत्व में आयोजित बैठक में विज्ञान, मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभागों के अध्यक्षों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। कुलपति ने कहा कि आईटीईपी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप भारत सरकार और एनसीटीई की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में समस्या समाधान, रचनात्मक सोच, संचार कौशल तथा नैतिक मूल्यों जैसी क्षमताओं का विकास करेगा।
उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा में बहुविषयक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के सहयोग से कौशल आधारित और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं। इस दौरान विभाग की नई पहल के तहत कक्षाओं को “संवाद कक्ष” तथा प्राचीन ऋषियों एवं उनके शिष्यों के नामों से संबोधित करने का निर्णय भी लिया गया।
शिक्षा अध्ययन विभाग के अध्यक्ष प्रो. असित मंत्री ने बैठक के एजेंडा और विभाग की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि विभाग का उद्देश्य सक्षम और मानवीय मूल्यों से युक्त शिक्षक तैयार करना है। उन्होंने संबंधित विभागों के शिक्षकों और अध्यक्षों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
बैठक में प्रो. जे.एन. बलिया ने बीएससी-बीएड कार्यक्रम की रूपरेखा और विभिन्न सेमेस्टरों के क्रेडिट सिस्टम की जानकारी दी, जबकि परीक्षा नियंत्रक प्रो. सूरी ने मेजर और माइनर पाठ्यक्रमों के मूल्यांकन मानदंडों पर प्रकाश डाला। बैठक में डीन अकादमिक प्रो. सुरम सिंह, एसोसिएट डीन प्रो. उदय प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अध्यक्षों और विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी निभाई तथा पाठ्यक्रमों के प्रभावी संचालन के लिए सुझाव दिए। कार्यक्रम का समापन शिक्षा अध्ययन विभागाध्यक्ष प्रो. असित मंत्री द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा