जम्मू-कश्मीर के सरकारी अस्पतालों में वेतन वृद्धि को लेकर इंटर्न डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी
श्रीनगर, 03 सितंबर (हि.स.)। एमबीबीएस और बीडीएस प्रशिक्षु डॉक्टरों द्वारा इंटर्नशिप छात्रवृत्ति में तत्काल वृद्धि की मांग को लेकर किया जा रहा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आज चौथे दिन भी जारी रहा।
जम्मू-कश्मीर के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों (जीएमसी) और एसकेआईएमएस बेमिना में प्रदर्शन जारी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती भी पार्टी नेताओं के साथ कल एसकेआईएमएस बेमिना में प्रशिक्षु डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं।
डॉ. फराज जो एक प्रशिक्षु डॉक्टर और एआईएमएसए प्रतिनिधि हैं ने कहा कि सरकार को अब कार्रवाई करनी चाहिए और प्रशिक्षु डॉक्टरों की वास्तविक मांग को तुरंत पूरा करना चाहिए।
इस बीच जीएमसी डोडा में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एआईएमएसए नेता डॉ. इमरान ने स्वास्थ्य मंत्री के बार-बार दिए जा रहे आश्वासनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री एक साल पहले दिए गए उसी बयान को क्यों दोहरा रहे हैं। प्रशिक्षुओं को कार्रवाई चाहिए बार-बार आश्वासन नहीं।
जम्मू-कश्मीर के एआईएसए प्रभारी डॉ. मोहम्मद मोमिन खान ने आगा रुहुल्लाह, वहीद पारा और अल्ताफ बुखारी का विरोध कर रहे इंटर्न डॉक्टरों से मिलने और उन्हें समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को वजीफे के मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और चेतावनी दी कि लंबे समय तक चलने वाले विरोध प्रदर्शन से अंततः जम्मू-कश्मीर भर में मरीजों की देखभाल और अस्पताल सेवाओं पर असर पड़ सकता है। चल रहे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के तहत आज रात 8:45 बजे भाग लेने वाले मेडिकल कॉलेजों और एसकेआईएमएस बेमिना में कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
इंटर्न डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे भूख हड़ताल पर चले जाएंगे। विरोध कर रहे इंटर्न डॉक्टर अपने वजीफे को 12,300 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति माह करने की तत्काल मांग कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता