न्याय के लिए उनके लंबे संघर्ष में उन्हें रुहुल्लाह में उम्मीद की किरण दिखाई देती है-मोहम्मद अशरफ मट्टू
बडगाम, 03 नवंबर (हि.स.)। कश्मीर में 2010 के दंगों के दौरान मारे गए किशोर तुफैल मट्टू के पिता मोहम्मद अशरफ मट्टू ने बुधवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि न्याय के लिए उनके लंबे संघर्ष में उन्हें रुहुल्लाह में उम्मीद की किरण दिखाई देती है।
बडगाम में रुहुल्लाह द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए मट्टू ने कहा कि वह वर्षों से अपने बेटे के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन हत्या के बाद से मामला अदालत में लंबित है। उन्होंने कहा कि मैं अभी भी न्याय के लिए लड़ रहा हूं। मैं उमर अब्दुल्ला और उसके परिवार को इंसान नहीं मानता। मुझे आगा रुहुल्लाह में उम्मीद की किरण दिखाई देती है।
तुफैल की हत्या के समय जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे उमर अब्दुल्ला पर निशाना साधते हुए मट्टू ने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार के पास कार्रवाई करने का अधिकार और अवसर होने के बावजूद वह न्याय सुनिश्चित करने में विफल रही। उन्होंने सवाल उठाया कि उन्हें न्याय के लिए अब्दुल्ला के पास क्यों जाना चाहिए, यह तर्क देते हुए कि जब अब्दुल्ला हस्तक्षेप करने की स्थिति में थे तब भी इस मामले को सुलझाने में विफल रहे।
मट्टू ने रूहुल्लाह से अपनी मुलाकात को भी याद किया और बताया कि सांसद ने उन्हें गले लगाया था और उनके परिवार के प्रति एकजुटता दिखाई थी। रूहुल्लाह के राजनीतिक आचरण की प्रशंसा करते हुए मट्टू ने उन्हें ईमानदार, निष्ठावान और आम लोगों की चिंताओं को उठाने के लिए समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि वे बेआवाज़ लोगों की आवाज़ हैं। वे उन लोगों के सवाल उठाते हैं जिनकी कोई आवाज़ नहीं है।
मट्टू ने आगे कहा कि रुहुल्लाह की जनहित संबंधी मुद्दों के प्रति प्रतिबद्धता मंत्री पद और राजनीतिक सत्ता से कहीं बढ़कर थी जो अन्य राजनीतिक नेताओं के दृष्टिकोण से उनके अंतर को दर्शाती है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता