जम्मू संभाग में बंदरों का बढ़ता आतंक

 

जम्मू , 26 अक्टूबर (हि.स.)। जम्मू संभाग में बंदरों का बढ़ता आतंक जनसुरक्षा पर संकट के किसानों की आजीविका खतरे में पढ गई है।

जम्मू संभाग में बंदरों की बढ़ती समस्या अब केवल असुविधा का विषय नहीं बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा, विद्यार्थियों के भविष्य और किसानों की आजीविका से जुड़ा गंभीर मुद्दा बनती जा रही है। शहरी क्षेत्रों में लोगों को अपने घरों से बाहर निकलते समय सतर्क रहना पड़ता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में किसान अपनी महीनों की मेहनत से तैयार फसलों और बागवानी को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में सरकार और वन्यजीव संरक्षण विभाग के लिए आवश्यक है कि इस समस्या का स्थायी, वैज्ञानिक और व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित किया जाए।

जम्मू के ऐतिहासिक बाहु फोर्ट क्षेत्र के अनेक हिस्सों में बंदरों की मौजूदगी स्थानीय निवासियों, विद्यार्थियों, श्रद्धालुओं और राहगीरों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। विशेष रूप से सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल, प्राइमरी स्कूल पक्का तालाब और माता बावे वाली मंदिर परिसर के आसपास बंदरों के झुंड दिखाई देने से लोगों को आवागमन के दौरान परेशानी और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है।

स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा अभिभावकों के लिए चिंता का विषय है। वहीं माता बावे वाली के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं तथा क्षेत्र से गुजरने वाले राहगीरों को भी सतर्क रहना पड़ता है। बाहु फोर्ट के अतिरिक्त पंजतीर्थी, जम्मू, कच्ची छावनी और आसपास के क्षेत्रों में भी इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।

धार्मिक स्थलों और शिक्षण संस्थानों के आसपास बंदरों की समस्या को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इन संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था आवश्यक है।

हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता