रुट्ट राड़े का भव्य आयोजन, डोगरा संस्कृति की विरासत को किया जीवंत
जम्मू, 16 जून (हि.स.)। डोगरा डिग्री कॉलेज (स्वायत्त) में ‘रुट्ट राड़े 2026 – ए डोगरी फोक फेस्टिवल’ का उत्साह और पारंपरिक रंगों के साथ आयोजन किया गया। कॉलेज के अतिरिक्त पाठ्यक्रम गतिविधि समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य डोगरा समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ आईक्यूएसी समन्वयक अदिति खजूरिया के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए डोगरा सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर डोगरा एजुकेशनल ट्रस्ट (डीईटी) के सचिव डॉ. समर देव सिंह, डीईटी की गवर्निंग बॉडी एवं एडवाइजरी कमेटी के सदस्य आर.एस. कटा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पारंपरिक ‘राड़े’ की रस्म रही जिसमें अतिथियों और शिक्षकों ने सुंदर ढंग से सजाए गए राड़ों में बीज बोकर उत्सव की औपचारिक शुरुआत की। पारंपरिक डिजाइनों और रंगोली से सजे राड़े समृद्धि, सौहार्द और डोगरा संस्कृति की प्राचीन परंपराओं के प्रतीक बने। अपने अध्यक्षीय संबोधन में आर.एस. कटाल ने डोगरा सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने के लिए कॉलेज द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। वहीं डॉ. समर देव सिंह ने कहा कि युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन डोगरा भाषा, संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उत्सव को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए शिक्षकों द्वारा पारंपरिक डोगरी व्यंजनों की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस पहल का उद्देश्य डोगरा समुदाय की समृद्ध पाक विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करना था। इस आयोजन में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा